विष्णुगढ़/हजारीबाग
ये लाल कपड़े के अंदर ढंकी विष्णुगढ़ की बेटी, हजारीबाग की बेटी, झारखंड की बेटी भारत की एक बेटी… उम्र मात्र 12 साल… दूध के दांत ठीक से झड़े नहीं होंगे कि इनके उगते दांतों को बड़ी बेरहमी से तोड़ दिया गया।
गाँव-कुसुम्भा, थाना-विष्णुगढ़, जिला-हजारीबाग की रहने वाली एक 12 साल की बिटिया… एक गरीब बाप की दुलारी बिटिया.. रामनवमी के मंगला जुलूस को देखने गई थी.. पता नहीं मर्यादा पुरुषोत्तम के जुलूस में कितने हवसी रावण सम्मिलित थे… 12 साल की बच्ची पे दया मोह नहीं आया… अकेले पा कर उठा के ले गए सुनसान जगह पे और बहुत ही बेरहमी और निर्दयता से दुष्&^& किया….! इसके बाद फूल सी बच्ची के शरीर को छत-विच्छत कर दिया गया।
परिवार जन रात भर खोजते रहे कि बेटी कहाँ गई कहाँ गई..?
अगली सुबह इस हालत में बेटी मिली झाड़ियों में।
आज छः दिन हो गए इस घटना को लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
अभी एक-डेढ़ महीने पूर्व पीरटांड़, गिरिडीह में भी ऐसी ही घटना घटी थी.. दो नाबालिग आदिवासी बच्चियां थी.. जतरा मेला देख के आ रही थी.. रास्ते में आठ जनों ने इन्हें उठा कर जंगल ले गए और दुष्कर्म किया… आठों अपराधी बाद में पकड़े गए जिसमें से चार नाबालिग थे।
खूंटी जिले के रनिया प्रखंड में भी कुछ माह पूर्व तीन नाबालिग आदिवासी लड़कियों के साथ 18 लड़कों ने दरिंदगी की थी.. इन 18 में से 18 लड़के नाबालिग थे।
हालियां घटनाओं को देखे तो ऐसे घृणित कृत्य में अधिकतर नाबालिग लड़के दिख रहे हैं….! क्या ये भारत के लिए चिंता का विषय नहीं है ??
फिलहाल इस विष्णुगढ़ की बेटी के इंसाफ के लिए क्या हो सकता है ??
उत्तरप्रदेश में ऐसी कोई घटना होती है तो हमारा झारखंड सड़कों पे आ जाता है.. मोमबत्ती ले के विरोध प्रदर्शन शुरू हो जाता है.. संबंधित सरकार का इस्तीफा मांगा जाता है.. मणिपुर की घटना पे पूरा झारखंड रो पड़ता है.. लेकिन घर की बेटियों के लिए कोई संवेदना उबाल नहीं मारती… कोई विरोध प्रदर्शन नहीं होता.. किसी का इस्तीफा नहीं मांगा जाता…!
तीन दिन तक ये बेटी यूं ही लाल कपड़े में लिपटी रही.. माता-पिता इस आस में रहे कि जब तक इनके पापियों को पकड़ा न जाय इसका कोई क्रियाकर्म नहीं करेंगे.. लेकिन माता-पिता को केवल बेचारगी,लाचारगी और निराशा के कुछ नहीं मिला…..!
कितने प्रश्न पूछ रही होगी ये बेटी हमसे,आपसे ,समाज से और इस सिस्टम से…? बेटियों की कीमत बस एक मांस के लोथड़े भर की है ?? बेटियों के पूजे जाने वाले इस देश में रामनवमी जैसे अवसर पे ऐसे दरिंदे पनप रहे हैं ???
गंगा महतो की वाल से






