• परिजनों ने 18 घंटे बाद उठने दिया शव, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात पर अडे़ रहे • प्रयागराज के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के आटा गांव की घटना, दिनभर मची रही खलबली • फूलपुर में गर्भवती का शव लेकर तीन घंटे दौड़ते रहे झोलाछाप डॉक्टर, परेशान रहे परिजन
चौथा अक्षर संवाददाता/प्रयागराज
क्षेत्र के नरई गांव स्थित निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 22 वर्षीय गर्भवती अंगूरा की मौत के बाद मायके में कोहराम मच गया। परिजन आरोपित डॉक्टरों की गिरफ्तारी, आर्थिक मुआवजा और अवैध क्लीनिक बंद करने की मांग पर 18 घंटे तक शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजने पर अड़े रहे। इसे लेकर स्थानीय पुलिस महकमे में खलबली मची रही।
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के आटा गांव निवासी बर्फीलाल उर्फ संजय कुमार बिंद की पुत्री अंगूरा 22 की शादी दो वर्ष पहले झांसी जनपद के ललितपुर गांव निवासी राजाराम बिंद से हुआ था। अंगूरा तीन माह से मायके में रह रही थी।
झोलाछाप डॉक्टर चलाते थे अवैध क्लीनिक ग्रामीणों का आरोप है कि मीरा पटेल और उनका परिवार बिना वैध अनुमति के ग्रामीणों का इलाज कर रहे थे।
बुधवार शाम वह मां को बताकर नरई गांव स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज कराने गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि क्लिनिक संचालिका कथित डॉक्टर मीरा पटेल, उनके पति सुखदेव पटेल, पुत्री दीपशिखा पटेल और दामाद सुभाष चंद्र पटेल की लापरवाही के कारण अंगूरा की मौत हो गई।
परिजन जब क्लिनिक पहुंचे, तो चारों आरोपी फरार थे। आरोप है कि परिजनों को फोन पर सिर्फ बताया गया कि उसे शहर ले जाया जा रहा है। परिजन सहसों में कार रोककर देख पाए कि अंगूरा की मौत हो चुकी थी।

गुस्साए परिजन शव को घर ले आए और आरोपी चिकित्सकों की गिरफ्तारी, आठ माह की बेटी के लिए मुआवजा तथा अवैध क्लीनिक बंद करने की मांग पर अड़े रहे। वृहस्पतिवार दोपहर तक पुलिस के समझाने पर भी परिजन नहीं माने।
इसके बाद एसीपी फूलपुर विवेक यादव मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा दिया। आश्वासन मिलने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने क्लीनिक संचालिका गीता पटेल, उनके पति, पुत्री और दामाद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चार आरोपितों पर मुकदमा दर्ज / पुलिस ने मीरा पटेल, उनके पति, पुत्री और दामाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।






