टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई बल्लेबाजों ने दोहरे और तिहरे शतक बनाए हैं, लेकिन एक ऐसा कारनामा है जो लगभग 100 साल बाद भी अटूट खड़ा है। यह रिकॉर्ड बनाया था ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज Don Bradman ने, जिन्होंने 1930 में इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले टेस्ट में पहले ही दिन 300 से ज्यादा रन ठोक दिए थे। दिन का खेल खत्म होने तक ब्रैडमैन 309 रन बनाकर नाबाद लौटे, जो आज भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक दिन में बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है। उस दौर में पिचें कठिन थीं और गेंदबाजों का दबदबा ज्यादा रहता था, फिर भी उन्होंने जिस आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी।
क्यों 95 साल बाद भी नहीं टूटा यह रिकॉर्ड ?

आज के आधुनिक क्रिकेट में भी यह रिकॉर्ड किसी के लिए छू पाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। इसकी वजह है खेल की बदलती रणनीतियां, मजबूत गेंदबाजी आक्रमण, और कप्तानों द्वारा समय रहते पारी घोषित कर देना। इसके अलावा खिलाड़ियों पर बढ़ता वर्कलोड भी लंबी और तेज पारियां खेलने में बाधा बनता है। Don Bradman की यह ऐतिहासिक पारी न सिर्फ उनकी महानता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कुछ रिकॉर्ड समय के साथ और भी मजबूत हो जाते हैं। यही कारण है कि उनका पहले दिन तिहरा शतक आज भी क्रिकेट के सबसे दुर्लभ और “अनब्रेकेबल” रिकॉर्ड्स में गिना जाता है।






