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आज हमारे गुरुवर श्री दूध नाथ सिंह जी की पुण्य तिथि है ..!

आज का दिन मेरे लिए पश्चाताप का भी दिन है...!

आज हमारे गुरुवर श्री दूध नाथ सिंह जी की पुण्य तिथि है ….श्रध्दा नमन, विनम्र श्रद्धांजलि मेरे प्रिय शिक्षक और मार्ग दर्शक गुरुवर श्री दूधनाथ सिंह जी को ! .. आज का दिन मेरे लिए पश्चाताप का भी दिन है …. एक ऐसी कसक जो ताउम्र रहेगी …. यह कसक हमेशा मेरे दिल दिमाक को मथा करती है। ….इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंदी के शिक्षक रहे श्री दूधनाथ सिंह अपनी तरह के विलक्षण लेखक तो थे ही, जनता के पक्ष में खड़े होकर बोलने की उनकी बेबाकी भी कमाल की थी। वह मेरे शिक्षक थे, शुभचिंतक और मार्ग दर्शक भी थे! एक नारियल की तरह बाहर से कठोर और अन्दर से मुलायम, तन पर सफेद कुर्ता-धोती, लंबा कद, कंधे से लटका हुआ झोला, आंख में चश्मा, धीर-गंभीर चेहरे और सृजन का झलकता संतोष…ऐसे थे हमारे गुरुवर कथाकार दूधनाथ सिंह।एक बार उनका सानिघ्य मिलने के बाद उनसे विमुख हो पाना बहुत मुश्किल था। 1989 में इलाहाबाद छोड़ने के बाद मेरी उनसे ज्यादा मुलाकातें नहीं हुईं। गुरुमाता निर्मला जी और गुरुवर से निरंतर ना मिल पाना मेरी जिन्दगी की अपूर्णीय क्षति है। गुरुवर दूधनाथ सिंह जी और गुरुमाता निर्मला जी की स्मृतियां मेरे साथ जीवित रहेंगी। एक बार फिर विनम्र श्रद्धांजलि मेरे प्रिय शिक्षक और मार्ग दर्शक गुरुवर श्री दूधनाथ सिंह जी को !

आज दूधनाथ जी की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति पर आयोजित ऑनलाईन परिसंवाद में शाम 6 बजे doodhnathsinghjls के फेसबुक पेज में कृपया पधारें।  पेज का पता है- https://www.facebook.com/doodhnathsinghjls/

 

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