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आपको क्या लगता है ? भगवान राम हजारों लाखों लाशों के ऊपर अपना भव्य राम मंदिर बनता देख कर खुश होंगे ?

एक अकेला आदमी 22 लाख रुपये अपनी जेब से लगाकर सैकड़ों जान बचा सकता है तो बचे हुए 2000 करोड़ के साथ एक देशव्यापी ट्रस्ट जिसका इतना बड़ा नेटवर्क है वह क्या क्या नही कर सकता ? लेकिन नही करता ! अब तक तो उसने कोरोना मरीजो की मदद के लिए अपने बैंक एकाउंट से एक रुपया भी नही निकाला !

ग्रीस मालवीय
अयोध्या में भव्य राममंदिर बनाने के लिए कितना पैसा चाहिए ?…100 करोड़ ?.. 300 करोड़ ?,…. 500 करोड़ ?,….. 1000 करोड़ ?, चलिए छोड़िए 1500 करोड़ में तो आपका मनचाहा राम मंदिर बन जाएगा न ?….आप जानते हैं राम मंदिर के लिए अब तक कितना पैसा इकठ्ठा हुआ है ?…..अब तक पूरे 3500 करोड़ इकठ्ठा हो गया है

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने पिछले महीने बयान दिया कि राममंदिर निर्माण के लिए चलाए गए 44 दिन के निधि समर्पण अभियान में कल्पना से भी अधिक का अर्पण हुआ है। हमने इस अभियान से एक हजार करोड़ रुपये तक के अर्पण की उम्मीद की थी, लेकिन अब तक के आंकड़ों में यह तीन हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि इकट्ठा हुई है

अब आप ही बताइये कि ऐसे में जब आदमी सड़को पर मर रहा है उसे चिकित्सा सुविधाए नही मिल रही !.आक्सीजन नही मिल रही तो राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का क्या कर्तव्य बनता है ? क्या ट्रस्ट का यह कर्तव्य नही बनता कि जितना जरूरत का पैसा राम मंदिर के लिए चाहिए उतना पैसा रखकर बाकी रकम अपनी देखरेख में कोविड मरीजों के इलाज की, देखभाल की, उनकी चिकित्सा सुविधाओं की ओर आक्सीजन उपलब्ध कराने की जल्द से जल्द व्यवस्था करने पर खर्च करे ?

पिछले साल मुंबई में एक आदमी ने अपनी 22 लाख की एसयूवी बेचकर 5,000 से 6,000 लोगों को आक्सीजन उपलब्ध कराई , आज भी वह व्यक्ति आक्सीजन सिलेंडर की जुगाड़ करने में दिन रात जी जान से जुटा हुआ है उस आदमी का नाम नही बताऊंगा ? अगर यहाँ लिख दूँगा तो बहुत से लोगो मिर्ची लग जाएगी……
लेकिन आप ही सोचिए कि यदि एक अकेला आदमी 22 लाख रुपये अपनी जेब से लगाकर सैकड़ों जान बचा सकता है तो बचे हुए 2000 करोड़ के साथ एक देशव्यापी ट्रस्ट जिसका इतना बड़ा नेटवर्क है वह क्या क्या नही कर सकता ? लेकिन नही करता ! अब तक तो उसने कोरोना मरीजो की मदद के लिए अपने बैंक एकाउंट से एक रुपया भी नही निकाला !
आपको क्या लगता है ? भगवान राम हजारों लाखो लाशों के ऊपर अपना भव्य राम मंदिर बनता देख कर खुश होंगे ?

एक तरफ़ वो हैं जो एक एक सांस के लिये आपको तरसा रहे हैं और एक तरफ़ प्यारे ख़ान जैसे लोग हैं जो एक करोड़ ख़र्च करके आपके लिये 32 टन ऑक्सीजन का इंतज़ाम कर रहे हैं ! देश में चारो तरफ बिखरी हुई लाशो के बीच जहाँ एक तरफ देश के हुक्मरां चुनावी रैलियों में लगे हुए थे और नफ़रतें बाँट रहे थे! वहीं कुछ फ़रिश्ते भी थे जो अपना सब कुछ निछावर कर लोगों की बिना भेदभाव मदद कर रहे थे!

 

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