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आक्सीजन स्तर आसानी से सुधारें- समीर संत

मैं एक ऐसा उपाय बता रहा हूँ, जिसको ठीक तरीक़े से आज़माएँगे, तो उस परेशानी से उबर जाएँगे, जो कोरोना में सबसे भयावह माना जाता है।

चौथा अक्षर संवाददाता

आक्सीजन स्तर आसानी से सुधारें- संत समीर 

होम्योपैथी में नुस्ख़े बताना उचित नहीं है, क्योंकि ज़्यादातर लोगों का दिमाग़ एलोपैथी के हिसाब से प्रशिक्षित है। बार-बार समझाइए तो भी होम्योपैथी की दवा को वे एलोपैथी तरीक़े से ही प्रयोग करना शुरू करते हैं और ठीक ढ़ंग से फ़ायदा नहीं उठा पाते। परेशानी यह है कि कोरोना के इस मुश्किल समय में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों को बीमारी के डर से उबारना हो तो कुछ सामान्य नुस्ख़ों को प्रचारित करने के अलावा और कोई चारा नहीं है। आज मैं एक ऐसा उपाय बता रहा हूँ, जिसको ठीक तरीक़े से आज़माएँगे, तो उस परेशानी से उबर जाएँगे, जो कोरोना में सबसे भयावह माना जाता है। यह परेशानी है-ज़रा भी मेहनत करने या चलने-फिरने से साँस फूलने लगना, शरीर का आक्सीजन स्तर कम हो जाना। आपके आसपास कोई मरीज़ हो तो इस नुस्ख़े का प्रयोग कीजिए और अधिक-से-अधिक लोगों को साझा कीजिए, ताकि महामारी का भय भगाने में मदद मिले।

मेरा अनुभव है कि कोरोना में आक्सीजन स्तर कम होने या साँस लेने में कठिनाई की समस्या आमतौर पर उन्हीं लोगों को आती है, जो बुख़ार घटाने के लिए रसायनों से बनीं एलोपैथी दवाएँ ज़्यादा खा चुके होते हैं। शुरू से ही जिनका होम्योपैथी या प्राकृतिक चिकित्सा से इलाज होता है, उन्हें ऐसी समस्याएँ नहीं आतीं। ‘पोस्ट कोविड सिम्टम’ भी नहीं आते। इसका स्पष्ट कारण है, पर यहाँ बस यह उपाय आप ध्यान से पढ़ें और सही ढ़ंग से आज़माएँ तो साँस लेने में कठिनाई दूर होगी और शरीर का आक्सीजन स्तर तेज़ी से सुधरेगा।

नुस्ख़ा-1

होम्योपैथी मेडिकल स्टोर से ये दो दवाएँ लाएँ

1- Echinacea Anguvstifolia & Q      
2- Aspidosperma & Q

ये दोनों दवाएँ किसी एक कम्पनी की और समान तौल की लें। आमतौर पर 30-30 मिलीलीटर की शीशियाँ मिलती हैं। दोनों को किसी बड़ी शीशी में मिलाकर रख लें।

प्रयोग विधि – आधा कप गुनगुने पानी में 20 बूँद दवा टपकाएँ और आराम-आराम से पी लें। तबीयत गम्भीर हो तो सवेरे-दोपहर-शाम, यानी दिन में तीन बार लें, अन्यथा दो बार से काम चल जाएगा। दवा लेने के आधा घण्टा पहले या बाद में कुछ खाना-पीना नहीं है। यह नुस्ख़ा ख़ून में आक्सीजन के प्रवाह को आसान बनाएगा और साँस की परेशानी को दूर करेगा।

नुस्ख़ा- 2

होम्योपैथी स्टोर से बायोकैमी की ये तीन दवाएँ लाएँ

1. Natrum Mur & 6X
2. Natrum Sulph & 6X
3. Silicea & 12X

प्रयोग विधि – इन तीनों दवाओं की चार-चार या पाँच-पाँच गोलियाँ एक कप गुनगुने पानी में डाल दें। दस-बीस सेकेण्ड में गोलियाँ घुल जाएँगी। कप को ढँककर रखें, ताकि हवा न जाए। दो-दो घण्टे के अन्तर पर एक-दो चम्मच दवा लेते रहें। मुँह में दवा ऐसे डालें कि जीभ पर ज़रूर पड़े।

नुस्ख़ा-1 से कम-से-कम आधे घण्टे का अन्तर अवश्य रहे।

 

नुस्ख़ा-3

पेट के बल लेट जाएँ। सिर के नीचे एक तक़िया, पेट के आख़रि हिस्से यानी पेड़ू के नीचे दो तक़िया और पैर के नीचे पञ्जों के पास एक तक़िया रखें। 40-45 मिनट तक इसी स्थिति में आराम से रहें। आक्सीजन स्तर सुधरने लगेगा। चाहें तो नाक के पास पङ्खे से हवा कर सकते हैं। दिन में दो-तीन बार ऐसा करें। यह वेण्टिलेटर जितना ही कारगर है, बल्कि कई बार उससे ज़्यादा बेहतर है। याद रखना चाहिए कि प्रकृति ने नाक की बनावट सिर्फ़ आक्सीजन के हिसाब से नहीं की है, बल्कि इसे साफ़-ताज़ी हवा चाहिए। हवा में आक्सीजन के अलावा कई और भी गैसें होती हैं। अस्पताल का शुद्ध आक्सीजन का प्रवाह फेफड़ों को फ़ायदे के बजाय नुक़सान पहुँचा सकता है।

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