दिल्ली विश्वविद्दालय

स्वामी श्रद्धानंद कालेज के शिक्षक की कालेज द्वारा पदोन्नति नहीं करने पर डीटीए ने कड़े शब्दों में निंदा की

डीटीए ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है

चौथा अक्षर संवाददाता
नई दिल्ली

आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) ने दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध स्वामी श्रद्धानंद कालेज के हिंदी विभाग में कार्यरत्त सहायक प्रोफेसर डा. गोपाल लाल मीणा की कालेज द्वारा पदोन्नति नहीं किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए डीन आफ कालेजिज डा. बलिराम पाणी से इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है । बता दें कि बुधवार को हिंदी विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति की गई लेकिन प्रिंसिपल ने डा. मीणा की पदोन्नति नहीं की । पदोन्नति न होने से नाराज डा. मीणा बुधवार शाम 6 बजे से कालेज प्रांगण में अपनी पदोन्नति की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए ,धरने पर उनके साथ डा. उमेश दुबे ,डा. प्रकाशवीर खत्री, डा. सुरेंद्र , डा. बिजय प्रधान ,डा. जोगेंद्र सिंह डा. प्रभाकर पलाका आदि शिक्षक बैठे हैं । धरने पर डीटीए के प्रभारी डा. हंसराज सुमन डा. मीणा से मिला और उन्हें संगठन की ओर से पूर्ण समर्थन दिया है और कहा है कि वे यह पता लगवाएंगे कि आखिर इनकी पदोन्नति क्यों रोकी गई ?

डीटीए प्रभारी डा. हंसराज ’सुमन ’ ने बताया है कि बुधवार 9 जून को स्वामी श्रद्धानंद कालेज के हिंदी विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया आन लाइन पूरी हुई जिसमें विभाग के चार शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया स्केल 7000 से 8000 में हुई। जिन शिक्षकों की पदोन्नति हुई उनमें अधिकांश की स्थायी नियुक्ति वर्ष 2015 में ही हुई थी लेकिन एक वरिष्ठ शिक्षक जो कि इस कालेज में 2005 से नियमित रूप से 6000 लेवल में कार्यरत है जबकि वरिष्ठ शिक्षक की पदोन्नति पहले की जाती है यदि किसी तरह पेपर संबंधी कमी न हो । डा. सुमन ने बताया है कि कालेजों में लंबे समय से पदोन्नति नहीं हुई थी जिसके कारण शिक्षकों को हर महीने हजारों रुपए का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है । जब श्रद्धानंद कालेज में सभी विभागों के शिक्षकों की पदोन्नति हो रही है तो डा. मीणा की पदोन्नति किस आधार पर रोकी गई ?

डा. सुमन ने बताया है कि डा गोपाल लाल मीणा जो कि शिक्षकों के मुद्दों नियुक्ति , पदोन्नति ,रोस्टर ,वर्कलोड व एडहाक टीचर्स के सम्मान के लिए लड़ाई लड़ते रहे हैं उनकी जानबूझकर प्राचार्य ने पदोन्नति में बाधा डालकर पदोन्नति प्रक्रिया से वंचित कर दिया जबकि लेवल 6000 से 7000 और लेवल 7000 से 8000 के लिए मात्र स्क्रीनिंग होती है जो कि कालेज द्वारा विषय विशेषज्ञों की निगरानी में केवल जांच पड़ताल के बाद कर दी जाती है। डा. मीणा ने उन्हें बताया है कि पदोन्नति संबंधी स्क्रीनिंग भी प्राचार्य ने नहीं करवाई जो शिक्षक ही करते हैं । यह सरेआम उनके साथ नाइंसाफी है ।

डा. मीणा ने डीटीए प्रभारी को यह भी बताया है कि स्वामी श्रद्धानंद कालेज में काफी समय से गवर्निंग बाडी नहीं है और आगे जो भी की पदोन्नति होनी है उसकी संस्तुति से एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के लिए गवर्निंग बाडी का होना आवश्यक है ,साथ ही इन पदों की पदोन्नति में गवर्निंग बाडी का चेयरमैन बैठता है । डा. मीणा ने उन्हें यह भी बताया है कि कालेज में साल भर से गवर्निंग बाडी से सदस्यों की सूची आने के बाद भी जानबूझकर गवर्निंग बाडी नहीं बनाने से कालेज के रोजमर्रा के कार्यों में समस्या आ रही है. ऐसे में प्राचार्य को कार्य करने की पूरी आजादी मिली हुई है इसीलिए वह कुछ शिक्षकों को जानबूझकर परेशान कर रहे हैं ।

उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन आफ कालेजिज डा. बलिराम पाणी से यह भी मांग की है कि वे कालेज से डा.मीणा की पदोन्नति संबंधी आवेदन की फाइल मंगवाकर पता लगाएं कि किस आधार पर डा. मीणा की पदोन्नति रोकी जा रही है । डा. सुमन ने गवर्निंग बाडी के बनाने के लिए भी कालेज प्राचार्य को निर्देश जारी कर जल्द से जल्द बनाने की मांग की है ताकि एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर पदों पर पदोन्नति की जा सकें । उन्होंने बताया है कि हाल ही में दिल्ली सरकार के 28 कालेजों की गवर्निंग बाडी को तीन महीने का एक्सटेंशन दिया है ,यह कालेज भी दिल्ली सरकार से वित्त पोषित है ।

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