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यूजीसी के निर्देश के एक दशक बाद भी ओबीसी पदों को कालेजों ने नहीं भरा

यूजीसी ने दो साल पहले ओबीसी आरक्षण के की दूसरी क़िस्त के पदों को भरने का सर्कुलर जारी किया था लेकिन कुछ कालेजों ने इन पदों को आज तक नहीं भरा

चौथा अक्षर संवाददाता
नई दिल्ली

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी ) ने दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कालेजों के प्राचार्यों को 19 सितंबर 2019 को एक सर्कुलर भेजकर ओबीसी एक्सपेंशन के सेकेंड ट्रांच (दूसरी क़िस्त ) की बकाया शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति करने के आदेश दिए थे । ओबीसी कोटे की शिक्षक पदों की दूसरी क़िस्त जारी किए जाने पर कुछ कालेजों ने इन पदों पर एडहाक टीचर्स की नियुक्ति कर ली लेकिन बहुत से कालेजों ने इन पदों पर आज तक नियुक्ति नहीं की और न ही इन पदों को रोस्टर में शामिल कर विश्वविद्यालय प्रशासन से पास कराकर पदों को विज्ञापित किया । आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) ने पिछले दो साल से कालेजों द्वारा ओबीसी आरक्षण के सेकेंड ट्रांच के पदों को ना भरने पर गहरा रोष व्यक्त किया है । इन पदों पर नियुक्ति न किए जाने की शिकायत उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन डा. भगवान लाल सहनी से उनके निवास पर मिलकर की है ।डीयू में ओबीसी आरक्षण की स्थिति पर उनसे लंबी बातचीत हुई । उन्होंने कालेज वाइज आंकड़े मांगें है । इस संदर्भ में डीटीए ने यूजीसी द्वारा जारी सेकेंड ट्रांच के पदों की लिस्ट आयोग को दी है ।इस पर जल्द कार्यवाही की मांग की ।

डीटीए प्रभारी डा. हंसराज सुमन ने बताया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी ) ने दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कालेजों को ओबीसी आरक्षण और उसके एक्सपेंशन की बकाया दूसरी क़िस्त के अंतर्गत शिक्षण पदों का सर्कुलर 19 सितंबर 2019 को ओबीसी कोटे के सेकेंड ट्रांच के पद आबंटित किए थे ,जिनको दो साल बीतने को है मगर कुछ कालेजों ने ओबीसी आरक्षण को अपने रोस्टर में जोड़ा नहीं है। उन्होंने बताया है कि बहुत से कालेजों की स्टाफ एसोसिएशन व स्टाफ काउंसिल ने इन पदों को रोस्टर में जोड़े जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया फिर भी रोस्टर में इन पदों को जोड़ा नहीं गया और ना ही इन पदों पर ओबीसी कोटे के शिक्षकों की नियुक्ति की । उन्होंने बताया है कि कालेज प्रिंसिपल ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर तेजी से काम कर रहे हैं मगर ओबीसी कोटे के पदों को भरने व रोस्टर में शामिल नहीं कर रहे हैं ।

डा. सुमन ने यह भी बताया है कि ओबीसी कोटे के पदों को रोस्टर में जोड़े जाने से लंबे समय से विभिन्न कालेजों में पढ़ा रहे एडहाक टीचर्स जो किसी भी कारणवश कालेजों के आरक्षण रोस्टर में बदलाव के कारण बाहर नहीं हो पाएंगे ,उन सभी एडहाक टीचर्स को ओबीसी रोस्टर के अंतर्गत शामिल ( एकमोडेट ) किया जा सकता है । इसके अलावा बहुत से एससी/एसटी/ओबीसी और अनारक्षित वर्गो के उम्मीदवारों के लिए नये पदों के रास्ते खोले जा सकते हैं और एससी/एसटी/ओबीसी कोटे के उम्मीदवारों के साथ न्याय किया जा सकता है। उनका कहना है कि ओबीसी कोटे के इन पदों के भरे जाने से सभी वर्गों के उम्मीदवारों को उनका हक तभी मिल सकता है जब कालेज प्रिंसिपल इन पदों को आरक्षण रोस्टर में शामिल कर इन पदों पर एडहाक/स्थायी नियुक्ति करें ।

डा. सुमन का कहना है कि दूसरी क़िस्त के अंतर्गत दिए गए ओबीसी कोटे के शिक्षकों के पद पूरी तरह से स्थायी नियुक्ति होने तक इन्हें एडहाक नियुक्तियों के माध्यम से भरा जाना चाहिए। यदि इन पदों को गेस्ट टीचर्स द्वारा भरे जाते हैं तो कालेज/संस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इस तरह का कदम न केवल शिक्षकों के हित के खिलाफ होगा बल्कि शिक्षण मानकों से भी समझौता करेगा।

डा. सुमन ने बताया है कि ओबीसी कोटे से बढ़ी सेकेंड ट्रेंच(दूसरी क़िस्त ) शिक्षकों की किन कालेजों में सीटों का इजाफा होगा। सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेंगी–जाकिर हुसैन कालेज-42 ,दयाल सिंह कालेज-41 ,देशबंधु कालेज-40,रामजस कालेज-39, स्वामी श्रद्धानंद कालेज-39, लक्ष्मीबाई कालेज-39 ,गार्गी कालेज-38,आत्माराम सनातन धर्म कालेज-35 , शिवाजी कालेज-34 ,श्यामा प्रसाद मुखर्जी-34 ,पीजीडीएवी-33 ,हंसराज कालेज-32 ,वेंकटेश्वर कालेज-32 , मोतीलाल नेहरू कालेज-31, कालिंदी कालेज-31 , मिरांडा हाउस कालेज-31, मैत्रीय कालेज-30सत्यवती कालेज-30 ,श्री अरबिंदो कालेज-28 ,श्यामलाल कालेज-28 ,राजधानी कालेज-28 आदि कालेजों में ओबीसी कोटे के पदों पर नियुक्ति होनी है । उन्होंने बताया है कि सेकेंड ट्रांच के अंतर्गत 1282 पदों को भरा जाना है ।

डा. सुमन ने डीयू के कार्यवाहक कुलपति से मांग की है कि 19 सितंबर 2019 ( दो साल पहले ) यूजीसी ने ओबीसी कोटे के पदों को भरने संबंधी जो सर्कुलर जारी कर ओबीसी कोटे के पदों को भरने के निर्देश जारी किए थे । विश्वविद्यालय प्रशासन इस सर्कुलर को जल्द से जल्द लागू कराने के लिए कालेजों के प्राचार्यो को पदों को भरने के लिए रोस्टर तैयार कर विश्वविद्यालय प्रशासन से पास कराकर पदों का विज्ञापन निकाले। साथ ही यह भी निर्देश जारी करे कि जो एडहाक शिक्षकों के रूप में कार्य कर रहे हैं वे ईडब्ल्यूएस आरक्षण के कारण उन्हें हटाया न जाये। साथ ही यह भी मांग की है कि प्राचार्य इन पदों के विज्ञापन जब तक स्थायी न निकाले तब तक एडहाक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति की जाये। यह भी सुनिश्चित करें कि इसी शैक्षिक सत्र –2021–22 में ओबीसी विस्तार की दूसरी क़िस्त के तहत दिए गए पदों को बिना देरी के जल्द ही स्थायी नियुक्ति के माध्यम से भरे जाए।

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