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भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने चाटुकारिता की सारी हदें पार कर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिर ‘भगवान विश्वकर्मा’ से जोड़ कर उनकी पूजा की

चाटुकारिता की सारी हदें पार करते हुए इतने आगे निकल गए कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना भगवान विश्वकर्मा से करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिर 'भगवान विश्वकर्मा' के सिर पर चिपका कर एक तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर दिवंगत घोषित करते हुए उनकी पूजा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन पर ऐसा तोहफा दिया जिससे एक सियासी भूचाल सा आ गया

चौथा अक्षर संवाददाता /पटना

ब्रह्मांड के पहले आध्यात्मिक अभियन्ता, वास्तुविद, वैज्ञानिक, खगोलशास्त्री, अनुसंधान, आविष्कार, शिल्प, स्थापत्य कला, निर्माण आदि सभी विधाओं के देव भगवान विश्वकर्मा जी का 17 सितम्बर को सारा देश पूजन दिवस के रूप में मनाता है। संयोग से उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जन्म दिन है। बिहार के एक भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर चाटुकारिता की सारी हदें पार करते हुए इतने आगे निकल गए कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना भगवान विश्वकर्मा से करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिर ‘भगवान विश्वकर्मा’ के सिर पर चिपका कर एक तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर दिवंगत घोषित करते हुए उनकी पूजा की। इतना ही नहीं उन्होंने अपने समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूजा भी की और मोदी शरणम् गच्छामि के नारे भी लगाए। तभी से इस मामले में सियासी बवाल खड़ा हो गया है.

चाटुकारिता में लोग कितने अंधे हो जाते हैं कि उनको इस बात का भी आभास नहीं होता कि वे क्या कर रहे हैं क्या नहीं यही हाल बिहार के भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल का भी हुआ। यूँ तो मधुबनी के विस्फी से विधायक  हरिभूषण ठाकुर बचौल अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं लेकिन इस बार उन्होंने ऐसा काम कर दिया है, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. उन्होंने विश्वकर्मा समाज के लोगों की भावनाओं का अपमान करते हुए विश्वकर्मा पूजा के दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिर ‘भगवान विश्वकर्मा’ के सिर पर लगा कर एक तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर दिवंगत घोषित करते हुए उनकी पूजा की. इस सन्दर्भ में जब उनसे उनके अधिकारिक न. पर बात की तो पहले तो काफी समय तक फ़ोन ही नहीं उठाया भी तो बस इतना ही कहा मैंने सिर्फ तुलना की है उनसे और भी सवाल किया जाता इससे पहले उन्होंने यह कहते हुए फ़ोन काट दिया की मेरे पास टाइम नहीं है  और उसके बाद उन्होंने फ़ोन उठाया ही नहीं।

उधर इस मामले में भाजपा विधायक के इस चाटुकारिता भरे कार्य से तमाम राजनितिक दलों ने पल्ला झाड़ लिया है। राष्ट्रीय जनता दल ने बीजेपी विधायक को पागलखाने भेजने की सलाह दे दी है, तो वहीं दूसरी ओर जेडीयू भी बीजेपी विधायक के इस बयान से सहमत नहीं दिख रही है.


आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि दरअसल ये कोई पहला मामला नहीं है. जब किसी नेता को भगवान का रूप दिया गया हो. कुछ दिन पहले जन्माष्टमी के वक्त लालू प्रसाद को भी कृष्ण के रुप में दर्शाने वाली मूर्ति तेजप्रताप यादव के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर शेयर की थी. लालू गरीबों के मसीहा हैं इससे कोई इनकार नहीं कर सकता है इसको लेकर काफी बहस छिड़ गयी थी. उन्होंने कहा विश्वकर्मा पूजा के दिन भाजपा विधायक का चाटुकारिता की हदें पार करते हुए नरेंद्र मोदी के सिर का फोटो भगवान विश्वकर्मा की फोटो पर लगा कर पूजा करना निहायत ही घटिया और पागलपन वाली सोच का काम है। मोदी कभी भगवान नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि बीजेपी के ऐसे विधायक को पागलखाने भेज देना चाहिए.

कांग्रेस नेता प्रेमचन्द्र मिश्रा ने कहा कि विधायक ने भगवान का अपमान किया है. इंसान को भगवान का दर्जा देना किसी चाटुकारिता के सिवा कुछ नहीं हो सकता।कांग्रेस ने कहा कि भाजपा विधायक ऐसी हरकतों से अपने क्षेत्र के वोट समीकरण को बैलेंस करते रहते हैं.

 

इधर, इंसान की तुलना भगवान से किये जाने पर बीजेपी नेताओं को भी सफाई देने में परेशानी हो रही है. बिहार सरकार के मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता शहनवाज हुसैन ने कहा है कि हरिभूषण ठाकुर की अभिव्यक्ति को गलत तरीके से देखना ठीक नहीं. बीजेपी विधायक ने तो बस ये बताने की कोशिश की है कि मोदी भी विश्वकर्मा भगवान की तरह सबकुछ ठीकठाक करने में लगे हैं. वहीं, उन्होंने कहा कि मोदी को भगवान बताना बीजेपी विधायक की मनसा नहीं थी. लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया कि बताना और पूजा करने में बहुत अंतर है।

उधर विश्वकर्मा समाज में इस बात को लेकर भारी आक्रोश दिखाई पड़ रहा है। भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल अगर सार्वजनिक तौर पर अपने इस कृत्य को लेकर माफ़ी नहीं मांगते तो विश्वकर्मा समाज पूरे देश में जगह जगह उनके खिलाफ पुलिस और न्यायालय में अपनी शिकायत दर्ज करने जा रहा है जो उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधान सभा चुनाव में भाजपा को भारी पड़ सकता है।

इस मामले में भारतीय नवक्रान्ति पार्टी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अरविन्द कुमार विश्वकर्मा ने विधायक के इस कृत्य की घोर निन्दा की है। उन्होंने कहा कि यह संयोग है कि 17 सितम्बर विश्वकर्मा पूजा के दिन ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन है। यदि विधायक को भगवान विश्वकर्मा की बजाय नरेन्द्र मोदी की पूजा करनी थी तो उनकी फोटो रखकर करते परन्तु भगवान विश्वकर्मा के चेहरे पर मोदी का चेहरा लगाकर पूरे देश के आस्थावान लोगों की भावना आहत किया है। श्री विश्वकर्मा ने कहा कि विधायक उक्त कृत्य के लिये माफी मांगे और भारतीय जनता पार्टी उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दण्डित करे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो भारतीय नवक्रान्ति पार्टी विरोध प्रदर्शन के साथ ही उन्हें दण्ड दिलाने के लिये न्यायालय का सहारा लेगी।

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