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यूजीसी व शिक्षा मंत्रालय के बार-बार निर्देश और सर्कुलर जारी करने के बावजूद ‘आरक्षित श्रेणी के पदों को’ बैकलाग से नहीं भरे जा रहे हैं

’ शिक्षकों की नियुक्तियों में रोस्टर व आरक्षण को प्रोफेसर काले कमेटी के अनुसार लागू किया जाए , ’ डूटा जीबीएम में पास प्रोफेसर काले कमेटी की रिकमेंडेशन को लागू करते हुए बैकलाग पदों के विज्ञापन निकाले , ’ ओबीसी सेकेंड ट्रांच के पदों का विज्ञापन नहीं निकाल रहे है कालेज !

चौथा अक्षर संवाददाता नई दिल्ली

फोरम आफ एकेडेमिक्स फ़ार सोशल जस्टिस के चेयरमैन व पूर्व एकेडमिक काउंसिल के सदस्य डा.हंसराज सुमन ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर योगेश कुमार सिंह से मांग की है कि वे कालेजों के प्रिंसिपलों को सर्कुलर जारी कर शिक्षकों की नियुक्तियों में रोस्टर व आरक्षण लागू करते समय प्रोफेसर काले कमेटी की रिकमेंडेशन को लागू करते हुए बैकलाग पदों का विज्ञापन निकाले । उन्होंने बताया है कि प्रोफेसर काले कमेटी पूर्व कुलपति प्रोफेसर योगेश त्यागी ने एससी/एसटी के कल्याणार्थ संसदीय समिति के निर्देश पर बनाई थीं जिसने भारत सरकार की आरक्षण नीति को यूजीसी व डीओपीटी के अनुसार आरक्षण / रोस्टर लागू करने संबंधी अपनी रिकमेंडेशन दी थीं । उन्होंने बताया है कि हंसराज कालेज कीब डूटा जीबीएम में प्रोफेसर काले कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार किया गया था और इसे लागू करने का डूटा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया था । पिछले तीन वर्षों से प्रो. काले कमेटी की रिपोर्ट को लागू कराने के लिए एकेडमिक काउंसिल व एग्जीक्यूटिव काउंसिल में सदस्यों द्वारा मुद्दा उठाया जा रहा है । इस बार भी एकेडमिक काउंसिल में सदस्यों ने इस रिपोर्ट को लागू कर स्थायी नियुक्ति करने को कहा लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया ।

फोरम के चेयरमैन डा. हंसराज सुमन ने बताया है कि कालेजों ने शिक्षकों के स्थायी पदों को भरने संबंधी विज्ञापन निकालने शुरू कर दिए है लेकिन कालेज जो विज्ञापन निकाल रहे है उसमें कहीं भी प्रोफेसर काले कमेटी के द्वारा बैकलाग व शार्टफाल पदों के भरने का निर्देश नहीं है और न ही ओबीसी सेकेंड ट्रांच ( दूसरी क़िस्त ) के पदों को जोड़कर पद विज्ञापित किए जा रहे हैं जबकि शिक्षा मंत्रालय व यूजीसी इन पदों को भरने संबंधी सर्कुलर जारी कर चुकी है । उन्होंने बताया है कि कुछ कालेजों ने ओबीसी सेकेंड ट्रांच के पदों पर एडहाक टीचर्स की नियुक्ति भी कर ली है । उनका कहना है कि कालेज विज्ञापन निकालते समय शिक्षा मंत्रालय के 24 अगस्त 2021 के सर्कुलर का उल्लंघन कर रहे है जिसमें मिशन मोड के तहत शिक्षकों के बैकलाग पदों को भरने का निर्देश दिया गया था । इसी तरह का सर्कुलर यूजीसी ने 9 सितंबर 2021 को जारी करते हुए बैकलाग पदों को भरने की बात की थीं जिसे 4 सितंबर 2022 तक इन पदों पर स्थायी नियुक्ति की जानी है ।

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दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में एडहाक टीचर्स का पिछले दिनों संसद में आंकड़ा देते हुए बताया है कि उनके यहाँ 4267 एडहाक टीचर्स है । संसद में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए डीयू के कालेजों में कार्यरत्त अस्थायी या तदर्थ शिक्षकों का ब्यौरा दिया गया । आंकड़ों के अनुसार रामजस कालेज -137 पद , श्री वेंकटेश्वर कालेज-131 , देशबंधु कालेज -127 ,दौलतराम कालेज -121 , कालिंदी कालेज -120 , श्यामा प्रसाद मुखर्जी कालेज -111 , शिवाजी कालेज -109 , दयालसिंह कालेज -99, गार्गी कालेज-98 जाकिर हुसैन कालेज- 95 माता सुंदरी कालेज-90, शहीद राजगुरु कालेज -89, स्वामी श्रदानंद कालेज-87 इंद्रप्रस्थ कालेज-87 , मैत्रीय कालेज -83 जानकी देवी मेमोरियल कालेज-83 श्रीराम कालेज आफ कामर्स -81 लेडी श्रीराम कालेज -79 लक्ष्मीबाई कालेज -79 किरोड़ीमल कालेज- 78 अरबिंदो कालेज-77 मिरांडा हाउस -74 पीजीडीएवी -72 , कमला नेहरू कालेज-72 , जीसस एंड मेरी कालेज -72 राजधानी कालेज-70 शहीद भगतसिंह कालेज -69 , सत्यवती कालेज ( सांध्य )-69 , कालेज आफ वोकेशनल स्टरडीज -66 शहीद भगतसिंह कालेज (सांध्य )-65 , दयालसिंह कालेज ( सांध्य ) -65 खालसा कालेज–65, मोतीलाल नेहरू कालेज –65 हंसराज कालेज –64 , आत्माराम सनातन धर्म कालेज —63 रामानुजन कालेज –62 हिंदू कालेज-62 लेडी इरविन कालेज -61 पद एडहाक टीचर्स के खाली पड़े है । डीयू के 68 कालेजों ने 2 फरवरी 2022 को संसद में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए 4267 एडहाक टीचर्स के खाली पद बताएं । उन्होंने बताया है कि इन पदों को भरने के लिए कालेजों ने दो बार विज्ञापन निकाले । कालेजों ने इन पदों को भरने के लिए स्क्रीनिंग व स्कूटनी कर रखी है लेकिन इन विज्ञापनों की समय सीमा समाप्त हो चुकी है इसलिए फिर से कालेजों ने शिक्षकों के स्थायी पदों को भरने संबंधी विज्ञापन निकालने शुरू किए है।

डा. सुमन ने यह भी बताया है कि शिक्षकों के पदों पर ओबीसी आरक्षण लागू हुए पंद्रह साल होने वाले है लेकिन यूजीसी के बार-बार निर्देश के बावजूद कुछ कालेजों ने सेकेंड ट्रांच ( दूसरी क़िस्त ) के पदों को आज तक नहीं भरा बल्कि इन पदों पर गेस्ट टीचर्स लगा रहे है । उन्होंने बताया है कि ओबीसी कोटे की सेकेंड ट्रांच के पदों को भरवाने के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में भी शिकायत कर चुके है ,बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन व कालेज प्रिंसिपलों का कहना है कि इन पदों पर जल्द नियुक्ति करेंगे लेकिन प्रिंसिपलों द्वारा इन्हें गेस्ट में तब्दील कर नियुक्ति की जा रही है ।

   आरक्षण व बैकलाग पूरा न करने वाले कालेजों का अनुदान बंद करें –

डा. सुमन का कहना है कि एससी / एसटी का शार्टफाल व बैकलाग 25 वर्षाे से नहीं दिया जा रहा है वहीं ओबीसी कोटे के पदों पर पंद्रह वर्षाे का बैकलाग समाप्त किया जा रहा है । यूजीसी व शिक्षा मंत्रालय के बार-बार निर्देश और सर्कुलर जारी करने के बावजूद आरक्षित श्रेणी के पदों को बैकलाग से नहीं भर रहे है तो ऐसी स्थिति में उन शिक्षण संस्थानों / कालेजों का अनुदान बंद कर देना चाहिए । उन्होंने यूजीसी से यह भी मांग की है कि वह कालेजों से आरक्षित पदों को भरने संबंधी आंकड़े मंगवाए और पता लगवाए कि अभी तक एससी /एसटी व ओबीसी पदों का बैकलाग क्यों नहीं भरा है ।

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