चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली
दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध अदिति महाविद्यालय के हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा “ पॉडकास्ट प्रोडक्शन ” विषय पर एक सफल एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल मीडिया के उभरते क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना और उनकी अभिव्यक्ति क्षमता और संचार कौशल को विकसित करना था। छात्राओं को यह भी जानकारी देना कि डिजिटल मीडिया के इस युग में मीडिया के क्षेत्र में कहां -कहां करियर बनाया जा सकता है , तथा पाठ्यक्रम को पूर्ण करने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में रोजगार की कहां संभावनाएं है ।
महाविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. यश वत्स रहे, यह मानव रचना विश्वविद्यालय हरियाणा में प्रोफेसर एवं डिजिटल प्रोडक्शन विशेषज्ञ हैं। कार्यशाला में प्राचार्या प्रो. नीलम राठी, विभाग प्रभारी प्रो. माला मिश्रा , डॉ. रजनी मान सहित विभाग विभागों के शिक्षक व सैंकड़ों छात्राएं भी उपस्थित रहीं । कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में डॉ. यश वत्स ने पॉडकास्टिंग के सैद्धांतिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए इसके महत्व, उपयोगिता और डिजिटल मीडिया में बढ़ते प्रभाव को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि आज के समय में पॉडकास्ट एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए व्यक्ति अपनी आवाज़ को व्यापक स्तर पर पहुंचा सकता है।
मीडिया कार्यशाला के द्वितीय सत्र में उन्होंने पॉडकास्ट प्रोडक्शन के व्यावहारिक पक्ष को विस्तृत रूप से समझाया। इस दौरान विद्यार्थियों को कॉन्सेप्चुअलाइजेशन, रिकॉर्डिंग, एडिटिंग, कैमरा फ्रेमिंग, कंपोजिशन, डिस्ट्रिब्यूशन तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रभावी प्रस्तुति के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही मॉनेटाइजेशन के विभिन्न तरीकों पर भी चर्चा की गई, जिससे छात्रों को करियर के नए अवसरों की जानकारी मिली। उन्होंने छात्राओं को यह भी बताया कि पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के क्षेत्र में अवसर की अनेक संभावनाएं हैं । इतना ही नहीं आज वे स्वंय अपना मीडिया संस्थान खोल सकते हैं , अपना न्यूज चैनल , पॉडकास्ट प्रोडक्शन खोलकर व्यवसाय किया जा सकता हैं ।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण अंत में विद्यार्थियों द्वारा किया गया प्रायोगिक कार्य रहा, जिसमें विद्यार्थियों को पॉडकास्ट निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया—रिकॉर्डिंग, एडिटिंग, कैमरा एंगल्स का प्रयोग तथा प्रस्तुति—का व्यावहारिक अनुभव कराया गया। इस अभ्यास ने छात्रों की रचनात्मकता और तकनीकी समझ को और मजबूत किया। विभाग द्वारा यह जानकारी दी गई कि महाविद्यालय की छात्राओं को समय -समय पर मीडिया के विभिन्न माध्यमों की जानकारी देने के उद्देश्य से इन्हें मीडिया संस्थानों का दौरा , प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में इंटर्नशिप कराना आदि । इतना ही नहीं हर साल हमारी छात्राएं पत्र -पत्रिकाओं और न्यूज चैनलों में अपनी सेवाएं दे रही हैं । ग्रामीण क्षेत्र में महाविद्यालय होने के बावजूद सीमित साधनों में हमारी ये छात्राएं बेहतर कार्य कर विश्वविद्यालय में नाम रोशन कर रही हैं ।
कार्यशाला में कॉलेज की प्राचार्या प्रो. नीलम राठी ने कहा कि महाविद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार की और अधिक कार्यशालाओं का आयोजन करेगा। उन्होंने बताया कि संस्थान का उद्देश्य छात्रों को अधिक सीखने, रचनात्मक बनने, शिक्षित होने और अपने क्षेत्र में अधिक पेशेवर बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने यह भी बताया कि महाविद्यालय जल्द ही अपनी छात्राओं के लिए पॉडकास्ट प्रोडक्शन सेंटर खोलेगा जिसमें समाज की महान विभूतियों , कलाकार , नेता , अभिनेताओं के साक्षात्कार ले सकें । इस कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं ने पॉडकास्ट प्रोडक्शन के गुर सीखें । कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया तथा महाविद्यालय प्रशासन ने मुख्य वक्ता के साथ –साथ कार्यशाला में उपस्थित व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया।






