आईपीएल 2026 के 37वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए मैच में भले ही संजू सैमसन बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जिसने उन्हें भारतीय बल्लेबाजों की खास सूची में सबसे ऊपर ला खड़ा किया। चेपॉक स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में फैंस को उनसे एक और शानदार पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, इस छोटी पारी में ही उन्होंने आईपीएल करियर के 5000 रन पूरे कर लिए, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
संजू सैमसन ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए केवल 3555 गेंदों का सामना किया, जो उन्हें आईपीएल इतिहास में सबसे तेज 5000 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में शामिल करता है। इस मामले में उन्होंने कई दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है। सुरेश रैना, केएल राहुल और महेंद्र सिंह धोनी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों ने इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए उनसे ज्यादा गेंदें खेली थीं। यह उपलब्धि इस बात को दर्शाती है कि संजू सिर्फ रन बनाने में ही नहीं, बल्कि तेजी से रन बनाने में भी माहिर हैं।
संजू सैमसन की उपलब्धि ने बदली धारणा
लंबे समय तक संजू सैमसन को एक प्रतिभाशाली लेकिन अस्थिर खिलाड़ी के रूप में देखा जाता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ सीजन में उन्होंने अपने खेल में काफी सुधार किया है। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता आई है और अब वह टीम के लिए भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं। 185 मैचों की 180 पारियों में 5008 रन बनाना और लगभग 140 के स्ट्राइक रेट के साथ खेलना यह साबित करता है कि वह टी20 फॉर्मेट के लिए पूरी तरह फिट हैं।
संजू की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनका आक्रामक अंदाज और बेहतरीन टाइमिंग है। वह स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ आसानी से रन बना सकते हैं। यही वजह है कि वह कम गेंदों में ज्यादा रन बनाने में सफल रहे हैं। आईपीएल जैसे बड़े मंच पर इस तरह का रिकॉर्ड बनाना उनके आत्मविश्वास को और भी मजबूत करेगा।

आने वाले मैचों में उनसे और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अगर वह इसी तरह अपनी फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो वह आने वाले समय में कई और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। संजू सैमसन का यह रिकॉर्ड न सिर्फ उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।






