भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम यानी IRCTC ने वर्ष 2026-27 के पर्यटन सत्र के लिए अपनी प्रसिद्ध लक्जरी ट्रेन Golden Chariot के उन्नत संस्करण को लॉन्च करने की घोषणा की है। दक्षिण भारत की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक परंपराओं और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से अनुभव कराने वाली यह शानदार ट्रेन अब और भी आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यटकों का स्वागत करेगी। आईआरसीटीसी के अनुसार, ट्रेन को नए अंदाज में तैयार किया गया है ताकि यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव मिल सके।
गोल्डन चैरियट लंबे समय से देश और विदेश के पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र रही है। यह ट्रेन दक्षिण भारत के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा कराती है, जिनमें ऐतिहासिक मंदिर, विरासत स्थल, समुद्री तट और प्राकृतिक दृश्य शामिल हैं। अब नए पर्यटन सत्र के लिए ट्रेन के इंटीरियर और सेवाओं को पूरी तरह अपग्रेड किया गया है। यात्रियों को पहले से अधिक आरामदायक और लग्जरी अनुभव देने के लिए आधुनिक तकनीक और पारंपरिक भारतीय शाही अंदाज का बेहतरीन मेल किया गया है।
यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं ?
नई गोल्डन चैरियट ट्रेन के केबिनों को आकर्षक और आलीशान रूप दिया गया है। प्रत्येक केबिन में आधुनिक साज-सज्जा के साथ स्मार्ट टीवी, हाई-स्पीड वाई-फाई और उन्नत मनोरंजन प्रणाली की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में सीसीटीवी निगरानी और अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली भी स्थापित की गई है। इसके अलावा ट्रेन में आरामदायक बैठने और सोने की सुविधाओं को भी बेहतर बनाया गया है ताकि लंबी यात्रा के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस लक्जरी ट्रेन में कुल 40 केबिन बनाए गए हैं, जिनमें लगभग 80 मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था है। यात्रियों की जरूरतों के अनुसार डबल बेड और ट्विन बेड वाले केबिन उपलब्ध होंगे। खास बात यह है कि दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष रूप से डिजाइन किया गया केबिन शामिल किया गया है, जिससे हर वर्ग के यात्री इस शानदार सफर का आनंद ले सकें।

आईआरसीटीसी ने ट्रेन के प्रचार के लिए कई आकर्षक प्रोमोशनल ऑफर भी पेश किए हैं। माना जा रहा है कि इन विशेष ऑफर्स से देश-विदेश के अधिक पर्यटक इस लग्जरी ट्रेन की ओर आकर्षित होंगे। पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि गोल्डन चैरियट भारत की लग्जरी पर्यटन सेवाओं को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह ट्रेन न केवल यात्रियों को आरामदायक सफर प्रदान करती है, बल्कि उन्हें दक्षिण भारत की संस्कृति, कला और परंपराओं से भी जोड़ती है। रेल पर्यटन के क्षेत्र में गोल्डन चैरियट को एक प्रतिष्ठित पहचान मिली हुई है। नई सुविधाओं और आधुनिक तकनीक से लैस यह ट्रेन भारत के लक्जरी पर्यटन उद्योग को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। आईआरसीटीसी को उम्मीद है कि 2026-27 के पर्यटन सत्र में यह ट्रेन पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय साबित होगी और भारतीय पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में मदद करेगी।






