भारतीय क्रिकेट में ऑलटाइम बेस्ट वनडे प्लेइंग इलेवन को लेकर बहस कभी खत्म नहीं होती। अलग-अलग दौर के दिग्गज खिलाड़ी और क्रिकेट विशेषज्ञ अपनी पसंद के आधार पर सर्वश्रेष्ठ टीम चुनते रहते हैं। हाल ही में एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने अपनी ऑलटाइम ODI प्लेइंग XI का चयन किया, जिसने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच नई चर्चा छेड़ दी। इस टीम में सबसे बड़ा आश्चर्य यह रहा कि मौजूदा दौर के सबसे सफल कप्तानों में शामिल रोहित शर्मा को जगह नहीं दी गई। वहीं ओपनिंग की जिम्मेदारी सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की मशहूर जोड़ी को सौंपी गई है, जबकि विराट कोहली को नंबर-3 पर रखा गया है।
इस टीम में बल्लेबाजी क्रम को भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग सुनहरे दौर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सचिन और गांगुली की जोड़ी ने वनडे क्रिकेट में कई यादगार साझेदारियां निभाई थीं और लंबे समय तक दुनिया की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ियों में शामिल रही। नंबर-3 पर विराट कोहली को उनकी शानदार निरंतरता और रन बनाने की क्षमता के कारण चुना गया है। मध्यक्रम में राहुल द्रविड़, युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी जैसे दिग्गजों को शामिल किया गया है। विकेटकीपर की भूमिका भी धोनी के पास है, जबकि टीम की कप्तानी का जिम्मा भी उन्हीं को सौंपा गया है।
कप्तानी से लेकर गेंदबाजी तक संतुलित नजर आई टीम ?
इस ऑलटाइम ODI इलेवन में ऑलराउंडर के रूप में कपिल देव को जगह मिली है, जिनकी मौजूदगी टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में मजबूती देती है। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी अनिल कुंबले और हरभजन सिंह जैसे अनुभवी गेंदबाजों को सौंपी गई है। वहीं तेज गेंदबाजी आक्रमण में जहीर खान और जसप्रीत बुमराह को शामिल किया गया है। यह संयोजन अनुभव, आक्रामकता और विविधता का बेहतरीन मिश्रण माना जा रहा है।
रोहित शर्मा का इस टीम में शामिल न होना सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। रोहित वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं और उन्होंने भारत को आईसीसी टूर्नामेंटों में भी शानदार नेतृत्व दिया है। इसके बावजूद उन्हें इस ऑलटाइम टीम में जगह नहीं मिलने से सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमियों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इस फैसले से सहमत हैं, जबकि बड़ी संख्या में प्रशंसकों का मानना है कि रोहित का रिकॉर्ड उन्हें इस टीम में स्थान दिलाने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, ऑलटाइम प्लेइंग इलेवन का चयन पूरी तरह व्यक्तिगत पसंद, उपलब्धियों और क्रिकेट की समझ पर निर्भर करता है। यही कारण है कि अलग-अलग विशेषज्ञों की टीमें भी अलग होती हैं। इस चयन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का इतिहास इतने महान खिलाड़ियों से भरा हुआ है कि सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ियों का चयन करना किसी भी विशेषज्ञ के लिए आसान काम नहीं है। यही वजह है कि ऐसी टीमों पर बहस और चर्चा आगे भी जारी रहने वाली है।






