नई दिल्ली: स्टील, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी रखने वाला JSW Group अब कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में भी कदम रख रहा है। कंपनी ने Ampstar ब्रांड के साथ इलेक्ट्रिक बस और ट्रक बाजार में उतरने की योजना बनाई है। इस कदम के साथ JSW Group इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के तेजी से बढ़ते बाजार में अपनी जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल इकाई JSW GreenTech महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक बड़े इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को तैयार कर रही है। करीब 90 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 15,000 इलेक्ट्रिक बस और ट्रक बताई गई है।
कमर्शियल EV पर कंपनी का फोकस ?
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग सिर्फ निजी कारों और दोपहिया वाहनों तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक परिवहन, लॉजिस्टिक्स, माल ढुलाई और शहरी परिवहन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में JSW Group ने कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट को अपने विस्तार के लिए चुना है। Ampstar ब्रांड के तहत कंपनी इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों पर फोकस करेगी। कमर्शियल वाहनों का यह बाजार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि बस और ट्रक जैसे वाहन लंबे समय तक और ज्यादा दूरी तक चलते हैं। इनके इलेक्ट्रिक होने से संचालन लागत और ईंधन पर निर्भरता में बदलाव आ सकता है।
90 एकड़ में तैयार हो रहा प्लांट ?
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बनने वाला प्लांट JSW की इलेक्ट्रिक व्हीकल रणनीति का अहम हिस्सा है। करीब 90 एकड़ में फैली मैन्युफैक्चरिंग सुविधा से कंपनी बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन तैयार करने की क्षमता विकसित करेगी। 15,000 वाहनों की वार्षिक क्षमता के साथ यह प्लांट भविष्य में कंपनी के EV कारोबार के विस्तार के लिए आधार बन सकता है। उत्पादन शुरू होने के बाद यहां तैयार होने वाले इलेक्ट्रिक वाहन देश के कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर में इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।
स्टील से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तक विस्तार ?
JSW Group की पहचान लंबे समय से स्टील, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से जुड़ी रही है। अब इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में प्रवेश कंपनी के कारोबार में एक नया आयाम जोड़ रहा है EV सेक्टर में उतरने से कंपनी को अपने मौजूदा औद्योगिक अनुभव और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। खासकर कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
भारत में बढ़ रहा इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन बाजार ?
भारत में प्रदूषण कम करने, पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने और परिवहन को अधिक ऊर्जा-कुशल बनाने के प्रयासों के बीच इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की भूमिका बढ़ रही है। शहरों में इलेक्ट्रिक बसों की मांग के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई में इलेक्ट्रिक ट्रकों को लेकर भी कंपनियां नए विकल्प तलाश रही हैं।
JSW Group की Ampstar के जरिए एंट्री इसी बदलते बाजार का हिस्सा है। आने वाले समय में कंपनी के इलेक्ट्रिक बस और ट्रक किस तकनीक, कीमत और रेंज के साथ बाजार में आते हैं, यह इसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण होगा। स्टील और एनर्जी से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक अपनी पहचान बना चुका JSW Group अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की सड़क पर आगे बढ़ रहा है। छत्रपति संभाजीनगर का 90 एकड़ का प्लांट और 15,000 वाहनों की प्रस्तावित वार्षिक क्षमता Ampstar को कंपनी की EV रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना सकती है।






