नई दिल्ली। Adroit Industries (India) का IPO निवेशकों की भारी मांग के साथ बंद हुआ है। 23 सितंबर को खुला यह इश्यू 25 सितंबर को बंद हुआ और अंतिम दिन तक इसे कुल 176.85 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 30 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर होने वाली है।
कंपनी ने IPO के लिए ₹126 से ₹134 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। एक लॉट में 111 शेयर थे और अपर प्राइस बैंड के हिसाब से खुदरा निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश करीब ₹14,874 था। कुल इश्यू साइज लगभग ₹150.71 करोड़ रहा। सब्सक्रिप्शन के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, उपलब्ध 78,72,900 शेयरों के मुकाबले करीब 139.23 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इस तरह कुल सब्सक्रिप्शन 176.85 गुना रहा।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो NII निवेशकों का हिस्सा 332.35 गुना, QIB कैटेगरी 195.04 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 99.81 गुना सब्सक्राइब हुआ। इससे पता चलता है कि IPO के अंतिम दिन तीनों प्रमुख निवेशक वर्गों में काफी अधिक मांग दर्ज हुई। IPO के बंद होने के बाद ग्रे मार्केट में Adroit Industries के शेयर का GMP करीब ₹47 बताया जा रहा है। IPO Premium के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह अपर प्राइस बैंड ₹134 से लगभग ₹47 अधिक है। हालांकि, GMP आधिकारिक एक्सचेंज मूल्य नहीं है और यह अनौपचारिक तथा बिना नियमन वाला संकेतक है। इसलिए GMP के आधार पर वास्तविक लिस्टिंग प्राइस निश्चित नहीं माना जा सकता।
अगर ₹47 के GMP को केवल संकेतक के रूप में देखा जाए, तो ₹134 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले अनुमानित कीमत करीब ₹181 बनती है। लेकिन वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की परिस्थितियों और शेयर में मांग-आपूर्ति पर निर्भर करेगी।
30 सितंबर को होगी लिस्टिंग ?
Adroit Industries के IPO का अलॉटमेंट 28 सितंबर को तय होने की उम्मीद है। इसके बाद रिफंड और शेयर क्रेडिट की प्रक्रिया होगी और 30 सितंबर 2026 को कंपनी के शेयर NSE और BSE पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होने की निर्धारित तारीख है। Adroit Industries ऑटोमोटिव और अन्य औद्योगिक उपयोगों के लिए प्रोपेलर शाफ्ट और टॉर्क-ट्रांसमिशन से जुड़े कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल विभिन्न ड्राइवलाइन सिस्टम में किया जाता है। IPO को मिला 176.85 गुना सब्सक्रिप्शन और GMP बाजार में मजबूत मांग के संकेत दे सकते हैं, लेकिन इन आंकड़ों से भविष्य के शेयर प्रदर्शन की गारंटी नहीं मिलती। खासकर GMP एक अनौपचारिक संकेतक है। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय परिणाम, कारोबार, जोखिम, वैल्यूएशन और IPO दस्तावेजों की जानकारी देखकर ही कोई निवेश निर्णय लेना चाहिए।






