चौथा अक्षर संवाददाता / सभागांज
विश्वकर्मा समाज के अधिकारों की प्राप्ति और आत्मसम्मान की रक्षा के उद्देश्य से शुरू की गई 1700 किलोमीटर की ऐतिहासिक ‘विश्वकर्मा एकता यात्रा’ (महापदयात्रा) बड़े ही उत्साहपूर्ण माहौल में आगे बढ़ रही है। यह पदयात्रा आज सुबह स्थानीय ग्राम पंचायत कार्यालय के पास से हरी झंडी दिखाकर भव्य रूप से शुरू हुई और आगे बढ़ी। कल सभागांज पहुंचे यात्रा दल का विश्वकर्मा युवा नेता रोहित विश्वकर्मा ने गर्मजोशी से स्वागत किया और पदयात्रियों के ठहरने तथा अन्य व्यवस्थाओं की कुशलतापूर्वक देखरेख की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए महारानी दीनी विश्वकर्मा ने घोषणा की कि सरकार और सभी राजनीतिक दलों को विश्वकर्मा समाज की शक्ति दिखाने के लिए आगामी 29 नवंबर को देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल ‘विश्वकर्मा शक्ति प्रदर्शन’ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राजनीतिक दल हमारे समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं देते हैं, तो अब से विश्वकर्मा समाज चुप नहीं बैठेगा; जिस प्रकार हवा के बिना पत्ता नहीं हिलता, उसी प्रकार जो लड़ते हैं, यह व्यवस्था भी उन्हीं के आगे झुकती है।
उन्होंने कहा कि अधिकारों को हासिल करने के लिए एकता और मजबूत संकल्प सबसे अधिक आवश्यक हैं, और वह ताकत जनता से ही मिलती है। समाज के कल्याण के लिए पूज्य श्री विश्वनाथुल पुष्पगिरि स्वामीजी अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए इस महापदयात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं, और उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े रहने की जिम्मेदारी हम सभी की है। इस क्रम में उन्होंने आह्वान किया कि हर कोई 29 नवंबर तक दिल्ली पहुंचे और केवल अकेले न आकर प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ कम से कम पांच रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों को लेकर दिल्ली कूच करे।
उन्होंने अपील की कि भले ही समाज के सभी लोग पूरी पदयात्रा में भाग न ले सकें, लेकिन वे अपने काम-काज और व्यापार करते हुए भी 29 नवंबर को केवल एक दिन का समय समाज के भविष्य के लिए जरूर निकालें। जिस तरह रोए बिना तो मां भी दूध नहीं पिलाती, उसी तरह बिना मांग किए कोई भी सरकार अधिकार नहीं देती। उन्होंने बताया कि इस पदयात्रा के बाद राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक नेताओं से मिलकर समाज के राजनीतिक हिस्सेदारी की जोरदार मांग की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली में आयोजित होने वाला यह शक्ति प्रदर्शन यदि सफल रहा, तो जिले से लेकर लाल किले तक विश्वकर्मा समाज की गूंज सुनाई देगी और हमारे समाज के अधिकारों को कोई छीन नहीं सकेगा।
इस शुभारंभ कार्यक्रम में स्थानीय प्रमुख विश्वकर्मा नेता सुहास विश्वकर्मा, राजाराम विश्वकर्मा, दिलीप विश्वकर्मा, कृष्णकुमार विश्वकर्मा, नरेश विश्वकर्मा, रमैया आचारी, सत्यमाचारी, रवि आचारी, रंजीत आचारी आदि बड़ी संख्या में शामिल हुए और यात्रा को अपना पूर्ण समर्थन दिया।






