चौथा अक्षर संवाददाता/नई दिल्ली
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 27 अक्टूबर 2026 को पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी ब्लॉक 20 में आयोजित एक जनसुनवाई कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस जनसुनवाई का मुख्य विषय ‘वोट अधिकार, जीने का अधिकार’ था, जिसमें चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर जनता की शिकायतें सुनी गईं. राहुल गांधी ने कहा कि सुनियोजित तरीके से गरीब और समाज के वंचित वर्गों के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं ताकि देश को कुछ चुनिंदा अरबपतियों के हितों के लिए चलाया जा सके. उन्होंने हर बूथ का डिजिटल ऑडिट कराए जाने की भी मांग की। त्रिलोकपुरी क्षेत्र में मतदाता सूची से कथित तौर पर 416 मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने का दावा करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। त्रिलोकपुरी में हुई इस जनसुनवाई में राहुल गांधी के साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी CPI(ML) के नेता दीपंकर भट्टाचार्य और स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव के साथ-साथ वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण भी मौजूद थे.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में बहुत बड़े स्तर पर ‘वोट चोरी’ की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान त्रिलोकपुरी के सिर्फ 4 मतदान केंद्रों (बूथों) से 416 मतदाताओं के नाम बिना किसी वैध कारण के, गैर-कानूनी तरीके से वोटर लिस्ट से काट दिए गए. मंगलवार को आयोजित जन सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र के 4 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मामला सामने आया है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में उच्च स्तर पर मताधिकार से खिलवाड़ किया जा रहा है और इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब तथा वंचित वर्गों को उठाना पड़ रहा है। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के संबंध में उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर लगाए गंभीर आरोप
त्रिलोकपुरी में आयोजित जन सुनवाई को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि क्षेत्र के 4 मतदान केंद्रों से 416 मतदाताओं के नाम कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से हटाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जन सुनवाई के दौरान उन लोगों से बातचीत की गई, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांग रहा है, लेकिन उसे संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री उन्हें पद से नहीं हटाते, तब तक उनकी पार्टी और विपक्षी दलों का संघर्ष जारी रहेगा।
जन सुनवाई में विपक्षी नेताओं की मौजूदगी
त्रिलोकपुरी में आयोजित इस जन सुनवाई में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के नेता दीपांकर भट्टाचार्य और स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य कथित तौर पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों को सामने लाना और प्रभावित मतदाताओं की समस्याओं को उठाना था।
राहुल गांधी ने इस दौरान मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
गरीबों के अधिकारों को लेकर सरकार पर निशाना
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसी व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है, जिसमें आम नागरिकों और गरीबों के हितों की तुलना में चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची से गरीबों के नाम हटाए जा रहे हैं, तो इसके पीछे की वजह क्या है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश हो रही है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अधिकार प्रभावित हों और संपन्न लोगों का प्रभाव बढ़े।
मतदाता सूची और चुनावी पारदर्शिता पर बढ़ेगा राजनीतिक टकराव
राहुल गांधी के ताजा बयान से मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर उठा रही है, जबकि त्रिलोकपुरी के 4 मतदान केंद्रों से 416 नाम हटाए जाने के दावे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष और संबंधित अभिलेख महत्वपूर्ण होंगे।
मतदाता सूची से किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटाया जाना गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में नाम हटाने के कारणों, संबंधित आवेदन और निर्वाचन अधिकारियों की कार्रवाई की जांच के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं और विपक्ष की ओर से आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है।







