भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में ओडिशा तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य में चिप निर्माण और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी पांच बड़ी परियोजनाओं के जरिए 4 अरब डॉलर से अधिक का प्रस्तावित निवेश लाने की तैयारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से ओडिशा की पहचान पारंपरिक खनन और धातु उद्योग के साथ-साथ हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी मजबूत हो सकती है।
पांच सेमीकंडक्टर परियोजनाओं पर काम ?
ओडिशा सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव के अनुसार, राज्य में पांच सेमीकंडक्टर परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें चिप निर्माण, सिलिकॉन कार्बाइड सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड 3D चिप पैकेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत 12 परियोजनाओं में से दो ओडिशा में विकसित की जा रही हैं। राज्य में देश की पहली कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट और एडवांस्ड 3D चिप पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है।
Intel जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी ?
ओडिशा अपने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ भी सहयोग कर रहा है। Intel और 3D Glass Solutions के साथ एडवांस्ड चिप पैकेजिंग तथा ग्लास-कोर टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रयास इस दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं
इसके अलावा राज्य में सिलिकॉन कार्बाइड आधारित चिप निर्माण और मेमोरी चिप मॉड्यूल से जुड़ी परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। सिलिकॉन कार्बाइड तकनीक का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा, औद्योगिक उपकरणों और हाई-पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाता है।
AI और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर ?
ओडिशा की योजना केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और आधुनिक कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विकसित करना चाहती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल देव ने कहा कि आज डेटा नया तेल है, लेकिन आने वाले समय में कंप्यूटिंग क्षमता यानी Compute नया तेल बन जाएगी। ओडिशा ने इस उभरते क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की पहल की है।
राज्य ने अपनी AI पॉलिसी और ओडिशा AI मिशन की शुरुआत की है। इसके साथ ही एक संप्रभु AI हब विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर AI तकनीक और कंप्यूटिंग क्षमताओं को बढ़ावा मिल सके।
रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा ?
सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार से केवल बड़ी कंपनियों को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि इससे इंजीनियरिंग, रिसर्च, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी सेवाओं से जुड़े व्यवसायों के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं।
ओडिशा सरकार का लक्ष्य खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर तकनीक और ज्ञान आधारित औद्योगिक अर्थव्यवस्था विकसित करना है। इसके लिए बेहतर बिजली आपूर्ति, जमीन, पानी, औद्योगिक नीतियों और तकनीकी शिक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है। 4 अरब डॉलर से अधिक के प्रस्तावित निवेश और नई तकनीकी परियोजनाओं के जरिए ओडिशा भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं की प्रगति तय करेगी कि राज्य वैश्विक चिप सप्लाई चेन में कितनी मजबूत जगह बना पाता है।






