प्रयागराज से पुष्पेंद्र यादव की खास रिपोर्ट-
प्रयागराज। जनपद का प्रमुख कस्बा फूलपुर इन दिनों जाम की स्थायी समस्या से कराह रहा है। तहसील मुख्यालय से लेकर कोतवाली तिराहे, नेहरू बाजार, रेलवे क्रॉसिंग और ओवरब्रिज तक हालात ऐसे हैं कि दिनभर वाहन रेंगते नजर आते हैं। चंद मिनटों की दूरी तय करने में लोगों को आधे से एक घंटे तक जूझना पड़ रहा है। अवैध बस अड्डों और बेतरतीब अतिक्रमण ने कस्बे की रफ्तार थाम दी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
हर प्रमुख मार्ग पर जाम का जाल
करीब 32 हजार की आबादी वाला फूलपुर क्षेत्र का बड़ा व्यापारिक केंद्र है। लगभग 20 किलोमीटर के दायरे से ग्रामीण रोजमर्रा की खरीदारी और जरूरी कामों के लिए यहां पहुंचते हैं। लेकिन लगातार लगने वाले जाम ने न सिर्फ आमजन की परेशानी बढ़ाई है, बल्कि व्यापार और प्रशासनिक कार्यों पर भी असर डाला है।
तहसील मुख्यालय, कोतवाली गेट, नेहरू बाजार, रेलवे क्रॉसिंग, प्रतापपुर मार्ग, ब्लॉक मुख्यालय, लोचनगंज तिराहा और ओवरब्रिज—कस्बे का शायद ही कोई ऐसा प्रमुख स्थान बचा हो, जहां दिन में कई बार जाम न लगता हो। सड़कों के दोनों ओर खड़े वाहन और बीच में रास्ता तलाशते राहगीर अब आम दृश्य बन चुके हैं।
अवैध बस अड्डे बने जाम की बड़ी वजह
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कस्बे में जगह-जगह संचालित हो रहे अवैध बस अड्डे जाम की सबसे बड़ी वजह हैं। प्रयागराज-जौनपुर मार्ग पर तहसील मुख्यालय के पास संचालित अवैध बस स्टैंड और बेतरतीब खड़े वाहन यातायात व्यवस्था को चरमरा देते हैं।
कोतवाली तिराहे, प्रतापपुर रोड, लोचनगंज तिराहा, ओवरब्रिज के पास शुक्लाना मोहल्ला, मुबारकपुर रोड और सिकंदरा रोड पर भी खुलेआम बसों और अन्य वाहनों का अवैध ठहराव होता है, जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं और जाम की स्थिति बन जाती है।
व्यापार और न्यायिक कार्य प्रभावित
रेडीमेड कपड़ा कारोबारी धर्मेंद्र मेहरोत्रा का कहना है कि जाम के कारण ग्राहक कम हो रहे हैं, जिससे व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है।
अधिवक्ता संघर्ष समिति के अध्यक्ष शमीम अहमद सिद्दीकी के अनुसार, तहसील परिसर वाहन स्टैंड में तब्दील हो चुका है। फरियादी समय से अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाते, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है।
उच्च न्यायालय के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण द्विवेदी ‘राजा बाबू’ ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर नगर पंचायत और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से अवैध बस अड्डों का संचालन हो रहा है, जो जाम की बड़ी वजह है।
वरिष्ठ अधिवक्ता फूलचंद यादव का कहना है कि करीब पांच वर्ष पूर्व बने ओवरब्रिज से भी लोगों को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी। संकरे निर्माण और अव्यवस्था के चलते जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है।
प्रशासन ने जताई गंभीरता
उप जिलाधिकारी जूही प्रसाद ने कहा कि जाम और अतिक्रमण की समस्या को लेकर प्रशासन गंभीर है। नगर पंचायत के साथ समन्वय कर चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी। तहसील परिसर के पास स्टैंड के लिए भूमि खाली कराकर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि आमजन को जल्द राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जनमानस की मांग: स्थायी समाधान हो
स्थानीय लोगों की मांग है कि अवैध बस अड्डों पर तत्काल रोक लगाई जाए, अतिक्रमण हटाया जाए और स्थायी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। जब तक सख्त और नियमित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक फूलपुर जाम के इस दुष्चक्र से बाहर नहीं निकल पाएगा।
फिलहाल सवाल यही है कि प्रशासन के आश्वासन जमीनी हकीकत में कब बदलेंगे और कब फूलपुर की सड़कों पर फिर से सुचारु यातायात नजर आएगा।






