back to top

आजमगढ़ के भाई-बहन ने UPSC में लहराया परचम, जिले का नाम किया रोशन

Must Read

आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज क्षेत्र के शांतिपुर गांव के रहने वाले भाई-बहन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। दोनों भाई-बहन की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। UPSC जैसी कठिन परीक्षा में एक ही परिवार के दो बच्चों का चयन होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

आजमगढ़ के भाई-बहन ने UPSC में लहराया परचम, जिले का नाम किया रोशनशांतिपुर निवासी अधिवक्ता सूर्यप्रकाश उपाध्याय लखनऊ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। उनकी पत्नी प्रतिभा उपाध्याय एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं। शिक्षा और अनुशासन से जुड़े इस परिवार में शुरू से ही पढ़ाई का माहौल रहा, जिसका परिणाम अब पूरे देश के सामने है। उनके बेटे आदित्य हृदय उपाध्याय ने UPSC परीक्षा में 154वीं रैंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की है। वहीं उनकी छोटी बेटी आयुषी उपाध्याय ने 361वीं रैंक हासिल कर परिवार का मान बढ़ाया है।

दोनों भाई-बहन शुरू से ही पढ़ाई में बेहद प्रतिभाशाली रहे हैं। आदित्य हृदय उपाध्याय ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से बीटेक की पढ़ाई की और वहां गोल्ड मेडलिस्ट रहे। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था। कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास के बल पर उन्होंने UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त की। इससे पहले भी वे UPSC परीक्षा में चयनित होकर भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में असिस्टेंट कमिश्नर (इनकम टैक्स) के पद पर कार्यरत हैं। अब उन्होंने अपनी रैंक में सुधार करते हुए एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

वहीं उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने भी अपने भाई की तरह पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आयुषी ने नेशनल लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और वहां भी गोल्ड मेडल हासिल किया। कानून की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा और उसी दिशा में तैयारी शुरू कर दी। दूसरे प्रयास में उन्होंने UPSC परीक्षा में 361वीं रैंक प्राप्त कर अपने सपने को साकार कर दिखाया।

इस सफलता के पीछे दोनों भाई-बहन की मेहनत, अनुशासन और परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। उनके माता-पिता ने हमेशा बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। आदित्य और आयुषी की इस उपलब्धि से उनके गांव शांतिपुर सहित पूरे बिलरियागंज क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने परिवार को बधाई दी और मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाईं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दोनों भाई-बहन की सफलता से क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। आजमगढ़ जिले के लिए यह गर्व का क्षण है कि यहां के प्रतिभाशाली युवाओं ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।

- Advertisement -spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_imgspot_img
Latest News

प्रयागराज में यमुना पर बनेगा नया रेल पुल, दिल्ली–हावड़ा रूट पर ट्रेनों का दबाव होगा कम

संगम नगरी प्रयागराज में रेल यातायात को अधिक सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे एक बड़ी...
- Advertisement -spot_imgspot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_imgspot_img