चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली
फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस ( शिक्षक संगठन ) के चेयरमैन प्रोफेसर हंसराज सुमन ने दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ( डूटा ) के अध्यक्ष प्रो.वी.एस. नेगी को पत्र लिखकर मांग की है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए आठवें वेतन आयोग की कमेटी गठित करने की मांग की है । ताकि डूटा यूजीसी पर दबाव बनाकर विश्वविद्यालयों / कॉलेज शिक्षकों के लिए आठवें वेतन आयोग कमेटी गठित करा सकें जिससे आयोग जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकें । प्रो. सुमन ने डूटा अध्यक्ष प्रो.नेगी से यह भी मांग की है कि वेतन आयोग कमेटी में सभी समूहों के शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों को रखा जाए और उनकी राय ली जाये । उन्होंने बताया है कि जब भी वेतन आयोग आया है उसमें शिक्षकों का पक्ष डूटा ने बड़े प्रभावी ढंग से रखा है । बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आंठवे वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी गई है। आयोग ने संगठनों /यूनियनों , विभिन्न संस्थानों तथा व्यक्तिगत कर्मचारियों से मेमोरेंडम , प्रतिनिधित्व प्राप्त करने के लिए अपनी वेबसाइट पर ऑन लाइन स्ट्रकुर्ड फॉर्मेट उपलब्ध कराया है । यह फॉर्मेट My Gov डॉट इन पोर्टल के जरिए कर्मचारियों और आम जनता से अहम सवालों पर सुझाव मांगे हैं। सुझाव देने की आखिरी तारीख 30 अप्रैल 2026 है ।
फोरम के चेयरमैन प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया है कि आयोग द्वारा पूछे गए सवालों में भविष्य के वेतन ढांचे की झलक साफ दिखाई दे रही है। इन सवालों में आर्थिक विकास, बढ़ती महंगाई और सरकार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बीच तालमेल बैठाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा फिटमेंट फैक्टर की क्या भूमिका होनी चाहिए और टॉप अधिकारियों की सैलरी तय करने का सही तरीका क्या हो, इस पर भी राय मांगी गई है। इंक्रीमेंट सिस्टम यानी सालाना वेतन वृद्धि के तरीके में भी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इन सवालों से शिक्षक संगठनों को उम्मीद है कि इस बार वेतन में व्यावहारिक और बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है । प्रोफेसर सुमन ने बताया है कि डूटा को भी केंद्र सरकार व शिक्षा मंत्रालय को अपना सुझाव देना चाहिए । उन्होंने यह भी बताया है कि आयोग केवल ऑनलाइन माध्यम से ही राय स्वीकार करेगा। ईमेल, किसी पीडीएफ फाइल या डाक के जरिए भेजे गए कागजों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। सभी सुझाव केवल MyGov पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई है।
• यूजीसी विश्वविद्यालयों /कॉलेज शिक्षकों के लिए आंठवे वेतन आयोग कमेटी गठित करें • डूटा केंद्र सरकार व शिक्षा मंत्रालय के समक्ष बेहतर वेतन के लिए शिक्षकों का पक्ष रखे ।
डूटा आंठवे वेतन आयोग पर जल्द बुलाए मीटिंग — प्रोफेसर हंसराज सुमन ने डूटा अध्यक्ष से पुनः मांग की है कि वह आंठवे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कराने के लिए विश्वविद्यालयों / कॉलेजों के शिक्षकों का सही से पक्ष रखने के लिए सभी टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मीटिंग जल्द से जल्द बुलाए ताकि अपना पक्ष सही से रख सकें । उन्होंने बताया है कि आंठवे वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाना था लेकिन विलंब से आठवें वेतन आयोग के लिए कमेटी गठित हुई है जो 2027 में अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को सौंप देंगे । उन्होंने यह भी बताया है कि हर दस साल बाद वेतन आयोग की सिफारिशों को पास कर लागू करने के लिए संबंधित विभागों / मंत्रालयों / शिक्षण संस्थानों / विश्वविद्यालयों को भेज दिया जाता है , लेकिन यह पहला अवसर है अभी तक शिक्षकों के लिए यूजीसी द्वारा कोई कमेटी गठित नहीं हुई ।






