भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक तेज गेंदबाजी को लेकर यह धारणा रही कि भारत के गेंदबाज विदेशी तेज गेंदबाजों की तरह रफ्तार नहीं दिखा सकते। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में कई भारतीय पेसरों ने इस सोच को बदला है। उमरान मलिक, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, इरफान पठान और जवागल श्रीनाथ जैसे गेंदबाजों ने अपनी गति से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया है। खासकर उमरान मलिक ने 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की लगातार रफ्तार के कारण भारतीय क्रिकेट में नई पहचान बनाई।
जम्मू-कश्मीर से आने वाले उमरान मलिक का नाम भारतीय तेज गेंदबाजी में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है। उन्होंने आईपीएल में 157 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर भारतीय गेंदबाजों की गति का नया स्तर दिखाया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने 150 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार हासिल की और श्रीलंका के खिलाफ लगभग 155 किलोमीटर प्रति घंटे की गेंद फेंकी। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ओर से सबसे तेज गेंदबाजी का रिकॉर्ड जवागल श्रीनाथ के नाम बताया जाता था। उमरान की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ उनकी अधिकतम गति नहीं, बल्कि लगातार तेज गेंदबाजी करने की क्षमता रही है। कई मौकों पर उन्होंने 150 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमा को पार किया। उनकी तेज गेंदों ने बल्लेबाजों के साथ-साथ क्रिकेट प्रशंसकों का भी ध्यान आकर्षित किया। यही कारण रहा कि उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली और उन्होंने टी20 इंटरनेशनल तथा वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
उमरान से पहले जवागल श्रीनाथ भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजों में गिने जाते थे। उन्होंने अपने दौर में लगभग 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल की थी। श्रीनाथ का महत्व इसलिए भी खास है क्योंकि उस समय भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की संख्या आज की तुलना में काफी कम थी। उन्होंने अपनी गति, उछाल और अनुभव के दम पर भारतीय तेज गेंदबाजी को मजबूत आधार दिया।
भारत के तेज गेंदबाजों की सूची में इरफान पठान का नाम भी महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान के खिलाफ 2007-08 के दौरान उन्होंने करीब 153.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज की थी। इसके बाद मोहम्मद शमी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगभग 153.3 किलोमीटर प्रति घंटे की गेंद फेंकी। जसप्रीत बुमराह ने भी 153 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की गति हासिल की है। बुमराह की पहचान हालांकि केवल रफ्तार से नहीं है। उनकी अनोखी गेंदबाजी शैली, सटीक यॉर्कर और नई तथा पुरानी गेंद से विकेट लेने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। वहीं शमी अपनी सीम पोजिशन और स्विंग के कारण खतरनाक साबित होते हैं।
मयंक यादव ने भी दिखाई तूफानी रफ्तार ?
उमरान के बाद मयंक यादव ने भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी को लेकर उम्मीदें बढ़ाईं। आईपीएल 2024 में उन्होंने 155.8 किलोमीटर प्रति घंटे की गेंद फेंकी और इसके बाद 156.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार भी दर्ज की। उनकी शुरुआती गेंदबाजी ने दिखाया कि भारत के पास आने वाले समय में कई ऐसे युवा तेज गेंदबाज हो सकते हैं जो 150 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमा को नियमित रूप से चुनौती दें।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज गेंद का विश्व रिकॉर्ड भारतीय गेंदबाज के नाम नहीं है। यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के शोएब अख्तर के नाम है, जिन्होंने 2003 विश्व कप में 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों का सफर लगातार आगे बढ़ रहा है। उमरान मलिक ने रफ्तार का नया benchmark बनाया, जबकि मयंक यादव जैसे युवा गेंदबाज इस विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई भारतीय पेसर 157 किलोमीटर प्रति घंटे के आंकड़े को पार करके नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाता है।






