चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली/छायाकार -आरबी यादव
एक तरफ़ जहाँ सोनम वांगचुक का आमरण अनशन आज 19 दिन भी जारी रहा वहीं आज उनसे तमाम राजनीतिक दलों और किसान नेताओं के मिलने का सिलसिला भी काफ़ी बढ़ गया. आज आम आदमी पार्टी के संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी जंतर- मंतर पहुँच कर काकरोच जानता पार्टी के आंदोलन का खुल कर समर्थन किया. केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि युवाओं की आवाज, इस आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात को सुनिए, वरना तीन साल बाद (आगामी चुनावों में) केंद्र सरकार का वही हश्र होगा जो 2014 में तत्कालीन सरकार का हुआ था।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है। उन्होंने सरकार से संवाद का रास्ता अपनाने और छात्रों से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने की बात कही।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी को एक अनोखा प्रस्ताव देते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए केंद्रीय कैबिनेट में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा। केजरीवाल ने कहा कि मेरा प्रधानमंत्री को एक सुझाव और प्रस्ताव है कि धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाना चाहिए और पीएम को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल के जंतर–मंतर पहुंचने से सीजेपी के आंदोलन को बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला। मंच पर मौजूद नेताओं ने आंदोलन को छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा बताते हुए सरकार से सकारात्मक पहल करने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग दोहराई।






