दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Google ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। कंपनी के सीईओ Sundar Pichai ने बताया कि हर महीने 85 लाख से अधिक डेवलपर्स गूगल के एआई मॉडल का उपयोग कर नए-नए ऐप और डिजिटल सेवाएं तैयार कर रहे हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि दुनिया भर में एआई तकनीक की मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है और गूगल इस दौड़ में खुद को मजबूत स्थिति में बनाए हुए है।
सुंदर पिचाई ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि कंपनी इस वर्ष एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए लगभग 190 अरब डॉलर का निवेश करने की तैयारी में है। यह निवेश मुख्य रूप से एआई डेटा सेंटर, कस्टम सिलिकॉन चिप्स और बड़े एआई मॉडल की ट्रेनिंग पर खर्च किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई टेक्नोलॉजी डिजिटल दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है, इसलिए अभी से बड़े स्तर पर निवेश जरूरी है।
एआई इकोसिस्टम में तेज़ी से बढ़ रही मांग ?
गूगल के अनुसार, उसके एआई मॉडल एपीआई अब प्रति मिनट लगभग 19 अरब टोकन प्रोसेस कर रहे हैं। यह पिछले साल की तुलना में बेहद बड़ी छलांग मानी जा रही है। इतना ही नहीं, 375 से अधिक गूगल क्लाउड ग्राहकों ने एक-एक ट्रिलियन से ज्यादा टोकन प्रोसेस किए हैं। इससे साफ है कि बड़ी कंपनियां और डेवलपर्स तेजी से गूगल की एआई सेवाओं को अपना रहे हैं।
कंपनी के लोकप्रिय एआई प्लेटफॉर्म Gemini की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ रही है। गूगल ने बताया कि जेमिनी ऐप के मासिक सक्रिय यूजर्स की संख्या अब 900 मिलियन यानी 90 करोड़ से अधिक हो चुकी है। यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा बताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई चैटबॉट और स्मार्ट असिस्टेंट की बढ़ती जरूरत ने जेमिनी की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी है।

वहीं, गूगल सर्च में शामिल एआई फीचर्स को भी शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। कंपनी के एआई ओवरव्यू फीचर के मासिक यूजर्स की संख्या 2.5 अरब के पार पहुंच गई है। इसके अलावा एआई मोड का उपयोग करने वाले सक्रिय यूजर्स की संख्या भी एक अरब से ज्यादा बताई गई है। गूगल का कहना है कि लोग अब पारंपरिक सर्च के साथ-साथ एआई आधारित जवाबों को अधिक पसंद कर रहे हैं क्योंकि इससे उन्हें तेज और सटीक जानकारी मिलती है। तकनीकी जानकारों का मानना है कि गूगल का यह बड़ा निवेश आने वाले समय में एआई उद्योग की दिशा बदल सकता है। माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई और अन्य टेक कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में गूगल अपने एआई नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने में जुटा हुआ है। आने वाले वर्षों में एआई तकनीक शिक्षा, स्वास्थ्य, कारोबार और डिजिटल सेवाओं में बड़े बदलाव ला सकती है, और गूगल इस परिवर्तन का प्रमुख चेहरा बनने की तैयारी कर रहा है।






