चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को आज सबेरे सबेरे दिल्ली पुलिस ने भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच उठा लिया और उनको दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें तुरंत चिकित्सकीय देखरेख में भेजने का निर्देश दिया था.
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस जंतर-मंतर पहुंची और वांगचुक को अस्पताल लेकर गई. इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे. पुलिस की इस कार्रवाई का वांगचुक के समर्थकों और सीजेपी से जुड़े लोगों ने विरोध किया. उनका कहना है कि आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस सभी प्रोटेस्टर से अपील करती है कि जल्द से जल्द आंदोलन समाप्त कर दें और जंतर-मंतर खाली कर दें.
हालांकि, प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों के बीच वांगचुक की लगातार गिरती सेहत को लेकर भी चिंता साफ दिखाई दी. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है. वांगचुक पिछले तीन सप्ताह से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं. अब उनकी सेहत और इस आंदोलन के अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है.
पेपर लीक के खिलाफ चल रहे सोनम वांगचुक जी के शांतिपूर्ण अनशन को खत्म करने के लिए सरकार ने बातचीत का रास्ता नहीं चुना, बल्कि जबरदस्ती और गुंडागर्दी का सहारा लिया। यह साफ दिखाता है कि सरकार छात्रों की आवाज़ से डर गई है।






