बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में Rapido कंपनी का बयान सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में आरोपी ऋतिक का नाम सामने आने के बाद कंपनी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। Rapido के मुताबिक, जिस व्यक्ति का जिक्र इस मामले में किया जा रहा है, वह 14 अक्टूबर से उसके प्लेटफॉर्म पर कैप्टन के तौर पर सक्रिय नहीं था।
इस बयान के बाद मामले में आरोपी की कथित गतिविधियों और कंपनी के साथ उसके संबंध को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति के पहले या वर्तमान में किसी प्लेटफॉर्म से जुड़े होने की जानकारी अपने आप में किसी अपराध में उसकी भूमिका साबित नहीं करती। मामले से जुड़े आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
फायरिंग की घटना में तीन आरोपी गिरफ्तार ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर को अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर फायरिंग की गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार, आरोपियों में ऋतिक कुमार उर्फ रोशन भी शामिल है, जो बिहार के बेगूसराय का रहने वाला बताया गया है। पुलिस मामले की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
घटना वाले दिन Rapido का ग्राहक बना था आरोपी ?
Rapido ने अपने बयान में एक अहम बात स्पष्ट की है। कंपनी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति 14 अक्टूबर से उसके प्लेटफॉर्म पर कैप्टन यानी राइडर के रूप में सक्रिय नहीं था। कंपनी ने यह भी बताया कि घटना वाले दिन उसने Rapido की सेवाओं का इस्तेमाल ग्राहक के तौर पर किया था। कंपनी ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के संपर्क में है और अधिकारियों द्वारा मांगी गई जानकारी साझा कर चुकी है। Rapido ने हिंसा और आपराधिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए जांच में पूरा सहयोग जारी रखने की बात कही है।
पुलिस जांच में सामने आएंगे अहम सवालों के जवाब ?
इस मामले में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग के पीछे क्या मकसद था और आरोपियों की कथित भूमिका क्या रही। शुरुआती रिपोर्टों में टाइगर श्रॉफ के घर के आसपास रेकी किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह को लेकर जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
Rapido ने स्पष्ट किया है कि आरोपी 14 अक्टूबर के बाद उसके प्लेटफॉर्म पर सक्रिय राइडर नहीं था और घटना वाले दिन उसने सेवा का उपयोग ग्राहक के रूप में किया। अब इस मामले में पुलिस जांच के नतीजों पर नजर रहेगी। आरोपी से जुड़े आरोपों की पुष्टि अदालत में होने वाले कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।






