चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली
धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते हैं। राहुल का कहना था कि करीब 300 सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं और उन्हें चुनाव आयोग तक जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर निर्वाचित जनप्रतिनिधि चुनाव आयोग के अधिकारियों से नहीं मिल सकते तो लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाता है। राहुल गांधी का कहना था कि वह ज्ञानेश कुमार से मिले बिना वहां से नहीं जाएंगे।
सुबह से शुरू हुआ प्रदर्शन शाम तक जारी रहा। राहुल और प्रियंका आकाशवाणी परिसर में बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरे पर बैठे रहे। काफी देर बाद चटाई का इंतजाम किया गया। सभी सांसदों के साथ प्रियंका चटाई पर बैठीं। कुछ देर बाद सफेद चांदनी (चादर) का इंतजाम हुआ। जैसे-जैसे समय बीतता गया, पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रदर्शन खत्म करने की अपील की गई। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने वहां से हटने से इनकार कर दिया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन की वजह से नई दिल्ली इलाके में यातायात प्रभावित हो रहा है।
8 घंटे तक बरगद के पेड़ के नीचे धरना, चबूतरे से चटाई, फिर चांदनी आई सुबह से शुरू हुआ प्रदर्शन शाम तक जारी रहा। राहुल और प्रियंका आकाशवाणी परिसर में बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरे पर बैठे रहे। काफी देर बाद चटाई का इंतजाम किया गया। सभी सांसदों के साथ प्रियंका चटाई पर बैठीं। कुछ देर बाद सफेद चांदनी (चादर) का इंतजाम हुआ। जैसे-जैसे समय बीतता गया, पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रदर्शन खत्म करने की अपील की गई। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने वहां से हटने से इनकार कर दिया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन की वजह से नई दिल्ली इलाके में यातायात प्रभावित हो रहा है।
रात करीब 8 बजे दिल्ली पुलिस के जवान राहुल गांधी को धरना स्थल से हटाने पहुंचे। पुलिस के पहुँचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को घेर लिया। कुछ देर तक वहां मौजूद नेताओं और पुलिस के बीच बातचीत होती रही। पुलिस अधिकारियों ने राहुल और प्रियंका से धरना खत्म करने की अपील की। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने वहां से हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद बस में बैठाया। इसके बाद पुलिस उन्हें आकाशवाणी भवन परिसर से लेकर रवाना हो गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे। हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल लगातार अपने उस रुख पर कायम रहे कि वह चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिले बिना धरना खत्म नहीं करेंगे। रात में भी बढ़ाई गई सुरक्षा राहुल और प्रियंका के धरने के चलते दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी थी। शाम तक पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को तत्काल हटाने की कोई योजना नहीं होने की बात सामने आई थी। पुलिस अधिकारियों ने राहुल गांधी से बातचीत कर स्वेच्छा से धरना खत्म करने का आग्रह किया। लेकिन कई घंटे बाद पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लेकर धरना समाप्त करा दिया।







