नई दिल्लीः देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है। उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो “शुद्धिकरण” का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है – और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है। इस बात को 20 दिन हो गए – मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई एफ.आई.आर. दर्ज नहीं हुई। राहुल गांधी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा -नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निर्देश देना चाहिए कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए। अब गेंद बी.जे. पी. के पाले में है – जल्द से जल्द एस. टी. एस. टी क़ानून के तहत एफ.आई.आर. दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो – वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
राहुल गांधी ने कहा, ”देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है, एक संविधान की विचारधारा और दूसरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा।” उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान लागू होने के बावजूद देश में दलितों के खिलाफ भेदभाव और हिंसा जारी है, जो कानूनन अपराध है। गांधी ने दावा किया कि देश के कई स्कूलों में दलित बच्चों से शौचालय साफ कराया जाता है और उनसे झाड़ू लगवाई जाती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दलितों को कुओं से पानी लेने से रोका जाता है तथा चाय की दुकानों पर उनके साथ भेदभाव किया जाता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि बारात में घोड़े पर चढ़ने जैसे मामलों को लेकर भी दलितों को कथित तौर पर मारा–पीटा और धमकाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कृत्यों में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग शामिल हैं तथा ये संविधान और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के खिलाफ हैं। गांधी ने मांग की कि ”शुद्धीकरण” में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश देने चाहिए, क्योंकि दलितों के साथ होने वाले इस तरह के व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।








