नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए ₹736 करोड़ की लागत वाली चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में उत्तर प्रदेश में Kavach 4.0 की तैनाती, महाराष्ट्र में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, आंध्र प्रदेश में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन अपग्रेड और गुजरात में चार-लेन रोड ओवरब्रिज का निर्माण शामिल है।
Lucknow Division में 607.7 किलोमीटर पर Kavach 4.0
चारों परियोजनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा Kavach 4.0 का है। उत्तर पूर्वी रेलवे के Lucknow Division में 607.7 रूट किलोमीटर पर Kavach 4.0 लगाने के लिए ₹252 करोड़ मंजूर किए गए हैं। Kavach भारत में विकसित Automatic Train Protection यानी ATP सिस्टम है। यह ट्रेन की गति और सिग्नल की स्थिति पर नजर रखता है तथा जरूरत पड़ने पर स्वचालित ब्रेक लगाने में मदद करता है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से Signal Passing at Danger (SPAD) जैसी परिस्थितियों में सुरक्षा बढ़ाना है।
Solapur की 7 स्टेशनों पर Electronic Interlocking
महाराष्ट्र के Solapur Division में सात स्टेशनों पर Electronic Interlocking (EI) लगाने के लिए ₹209 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इनमें Mohol, Mundhewadi, Bale, Solapur, Hotgi Junction-Hotgi A Cabin, Shahabad और Wadi Junction शामिल हैं। Electronic Interlocking कंप्यूटर आधारित सिग्नलिंग सिस्टम है, जो ट्रैक के पॉइंट और सिग्नल को अधिक विश्वसनीय तरीके से नियंत्रित करता है। इससे खराबी का पता लगाने और उसे ठीक करने में भी मदद मिल सकती है। यह परियोजना Kavach, Automatic Block Signalling और Centralised Traffic Control के कार्यान्वयन को भी सहयोग देगी।
Savalyapuram-Guntur में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन अपग्रेड ?
आंध्र प्रदेश के Savalyapuram-Guntur सेक्शन में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को 1×25 kV से बढ़ाकर 2×25 kV करने के लिए ₹142 करोड़ मंजूर किए गए हैं। यह काम 73 रूट किलोमीटर के सेक्शन में होगा और कुल 146 ट्रैक किलोमीटर को कवर करेगा। इस अपग्रेड से इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए बिजली आपूर्ति क्षमता को मजबूत करने और बढ़ते रेल यातायात को संभालने में मदद मिलेगी।
गुजरात में बनेगा चार-लेन Road Over Bridge ?
चौथी परियोजना गुजरात में Udhna-Ukai Songadh सेक्शन पर Level Crossing No. 53 की जगह चार-लेन Road Over Bridge बनाने की है। इसकी अनुमानित लागत ₹133.23 करोड़ है और इसे गुजरात सरकार के साथ लागत साझा करके बनाया जाएगा। इस ROB से सड़क और रेल यातायात को अलग-अलग मार्ग मिलने की उम्मीद है। इससे रेलवे फाटक पर ट्रेनों और सड़क वाहनों के बीच होने वाला हस्तक्षेप कम होगा और सड़क यातायात भी सुचारु हो सकेगा।
सुरक्षा और आधुनिक सिग्नलिंग पर बढ़ रहा फोकस ?
भारतीय रेलवे पहले से ही Kavach और इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलिंग का विस्तार कर रहा है। रेलवे के अनुसार जुलाई 2026 तक Kavach 4.0 को दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे हाई-डेंसिटी रूट के 2,569 रूट किलोमीटर पर सफलतापूर्वक कमीशन किया जा चुका था। इन चार नई परियोजनाओं के जरिए रेलवे का फोकस केवल ट्रेन सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सिग्नलिंग, बिजली आपूर्ति, सड़क-रेल कनेक्टिविटी और परिचालन क्षमता को एक साथ मजबूत करने पर है।






