उत्तर प्रदेश का गौतमबुद्ध नगर अब देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। राज्य सरकार की नई औद्योगिक पहल के तहत यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-8 और सेक्टर-10 में प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) निर्माण की दो बड़ी परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। इन परियोजनाओं में लगभग 6,780 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे न केवल औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी बल्कि हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। यह निवेश भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
PCB निर्माण से मजबूत होगी भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री ?
प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, मेडिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम नेटवर्क, रक्षा उपकरण और सौर ऊर्जा से जुड़े उत्पादों तक, लगभग हर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में PCB का उपयोग किया जाता है। वर्तमान समय में भारत अपनी अधिकांश PCB जरूरतों के लिए विदेशों, विशेष रूप से चीन, पर निर्भर है। नई निर्माण इकाइयों के शुरू होने से इस आयात पर निर्भरता कम होगी और देश में घरेलू उत्पादन को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी नई मजबूती मिलेगी।
गौतमबुद्ध नगर पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने उत्पादन संयंत्र संचालित कर रही हैं। बेहतर सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क, दिल्ली और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आसान कनेक्टिविटी, आधुनिक औद्योगिक बुनियादी ढांचा तथा निवेशकों के लिए अनुकूल सरकारी नीतियां इस क्षेत्र को उद्योगों की पहली पसंद बना रही हैं। नई PCB परियोजनाओं के आने से यहां इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन और अधिक मजबूत होगी तथा सहायक उद्योगों के विकास को भी गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं को तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों प्रकार की नौकरियां मिलेंगी। इसके साथ ही छोटे और मध्यम उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, मशीनरी सप्लाई और अन्य सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ होगा। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और आसपास के जिलों के लोगों को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। आने वाले वर्षों में यदि इसी तरह निवेश जारी रहा तो गौतमबुद्ध नगर भारत के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हो सकता है। यह विकास उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा।






