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प्रयागराज में मजदूरों की मौत का जिम्मेदार कौन ? कैसे हुआ धमाका, दिल दहला रहीं तस्वीरें

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चौथा अक्षर के लिए प्रयागराज से पुष्पेंद्र यादव की खास रिपोर्ट-

प्रयागराज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने भी घटना को हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।

  

   यूपी के प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में हुआ कोल्ड स्टोरेज हादसा कई सवाल खड़े कर गया है- आखिर इतनी बड़ी लापरवाही किसकी थी, जिसने चार मजदूरों की जान ले ली और कई को जिंदगी-मौत के बीच झूलने पर मजबूर कर दिया?

कैसे हुआ धमाका?

प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद के कोल्ड स्टोरेज में अचानक जोरदार धमाका हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अमोनिया गैस टैंक फटने से पूरी इमारत पल भर में धराशायी हो गई। धमाका इतना भीषण था कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।

मलबे में दबे मजदूर, दर्दनाक मंजर

हादसे के वक्त कोल्ड स्टोरेज में डेढ़ दर्जन से ज्यादा मजदूर मौजूद थे। धमाके के बाद सभी मलबे में दब गए। रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद मजदूरों को बाहर निकाला। अब तक चार मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि छह की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। मृतक सभी मजदूर बिहार के सहरसा जिले के बताए जा रहे हैं, जिनमें एक की पहचान ज्योतिष के रूप में हुई है।

किसका है कोल्ड स्टोरेज?

यह कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का बताया जा रहा है। हादसे के बाद पुलिस ने उनके परिवार के कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरती गई थी?

पुलिस कमिश्नर प्रयागराज का बयान

राहत-बचाव में जुटीं एजेंसियां

हादसे के बाद जिले की सभी एंबुलेंस को मौके पर लगाया गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं। दर्जन भर से अधिक जेसीबी मशीनों से मलबा हटाकर दबे लोगों की तलाश की गई। गैस रिसाव के चलते बचाव कार्य में भी दिक्कतें आईं। घायलों को तत्काल एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया दुख-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने भी घटना को हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।

इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा था? क्या अमोनिया टैंक की नियमित जांच की गई थी? जांच के बाद ही तय होगा कि यह महज हादसा था या लापरवाही की कीमत मजदूरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

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