अगर आपने केनरा बैंक (Canara Bank) से Home Loan, Car Loan या Personal Loan लिया है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। हाल ही में केनरा बैंक ने अपनी MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) में 0.05% यानी 5 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर दी है। बैंक की यह नई दरें 12 मई 2026 से लागू हो चुकी हैं। इस बदलाव का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनके लोन की ब्याज दरें फ्लोटिंग रेट पर आधारित होती हैं। ऐसे मामलों में MCLR बढ़ने से ब्याज दर बढ़ जाती है, जिससे EMI भी महंगी हो जाती है।
MCLR दरें बढ़ने का मतलब है कि बैंक अब नए और पुराने दोनों प्रकार के लोन पर ज्यादा ब्याज वसूल सकता है, खासकर उन लोन पर जो MCLR से जुड़े हुए हैं। होम लोन और कार लोन जैसे बड़े लोन में छोटी-सी ब्याज बढ़ोतरी भी लंबी अवधि में बड़ा असर डालती है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ग्राहक का 20 लाख रुपये का होम लोन है और अवधि 20 साल है, तो 0.05% की बढ़ोतरी से EMI में हल्का बदलाव दिख सकता है, लेकिन कुल ब्याज भुगतान में हजारों रुपये का अंतर आ सकता है।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
इस समय सबसे जरूरी है कि ग्राहक अपने लोन की ब्याज दर और EMI की स्थिति की जांच करें। अगर आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है तो बैंक द्वारा ब्याज दर अपडेट होने के बाद EMI बढ़ सकती है या फिर लोन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। कई बार बैंक EMI को स्थिर रखते हुए लोन की अवधि बढ़ा देता है, जिससे ग्राहक को बाद में ज्यादा ब्याज देना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि आप बैंक से संपर्क कर सही जानकारी लें और EMI या अवधि में हुए बदलाव को समझें।

अगर आपकी EMI बहुत ज्यादा बढ़ रही है, तो आप बैलेंस ट्रांसफर (Loan Transfer) का विकल्प भी देख सकते हैं। इसके अलावा, अतिरिक्त भुगतान (Prepayment) करके आप ब्याज का बोझ कम कर सकते हैं। कुल मिलाकर, MCLR में यह छोटी बढ़ोतरी भी लोन लेने वालों के लिए एक संकेत है कि उन्हें अपनी वित्तीय योजना को अपडेट रखना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो।






