Indian Railways ने बिहार और दक्षिण भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी सौगात दी है। लंबे समय से रक्सौल से तिरुपति के बीच नियमित ट्रेन सेवा की मांग की जा रही थी, जिसे अब रेलवे ने पूरा करने का फैसला किया है। रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार, अभी तक स्पेशल ट्रेन के रूप में चल रही रक्सौल-तिरुपति साप्ताहिक ट्रेन को जून महीने से नियमित एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में संचालित किया जाएगा। इस फैसले से बिहार, खासकर मिथिलांचल और सीमांचल क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, नियमित ट्रेन बनने के बाद यात्रियों को किराए में भी राहत मिलेगी। अभी तक स्पेशल ट्रेन होने के कारण इसमें अतिरिक्त शुल्क लिया जाता था, लेकिन एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में संचालन शुरू होने के बाद सामान्य किराया लागू होगा। इससे यात्रियों का सफर पहले की तुलना में अधिक किफायती हो जाएगा। खासतौर पर धार्मिक यात्रा, नौकरी और शिक्षा के लिए दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
सीतामढ़ी समेत कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रहेगा ठहराव ?
नई नियमित एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव बिहार के कई प्रमुख स्टेशनों पर दिया गया है। इसमें सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर ट्रेन के रुकने से उत्तर बिहार के यात्रियों को सीधे तिरुपति जाने का आसान विकल्प मिलेगा। पहले यात्रियों को कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती थी, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त खर्च होती थी। रेलवे का मानना है कि यह ट्रेन धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। दक्षिण भारत में स्थित Tirupati Balaji Temple देश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बिहार और नेपाल सीमा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिरुपति दर्शन के लिए जाते हैं। ऐसे में रक्सौल से सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।

ट्रेन के नियमित होने से यात्रियों को टिकट बुकिंग में भी आसानी होगी। स्पेशल ट्रेनों में अक्सर सीटों की उपलब्धता सीमित रहती थी और किराया अधिक होने के कारण यात्रियों को परेशानी होती थी। अब नियमित एक्सप्रेस बनने के बाद अग्रिम आरक्षण की सुविधा बेहतर तरीके से उपलब्ध होगी और यात्री सामान्य किराए पर सफर कर सकेंगे।
रेलवे के इस फैसले का स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने भी स्वागत किया है। माना जा रहा है कि इससे बिहार और दक्षिण भारत के बीच संपर्क मजबूत होगा तथा यात्रियों की यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक और सस्ती बनेगी। जून से शुरू होने वाली यह नियमित सेवा उत्तर बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है।






