देशभर में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। महज 10 दिनों के भीतर तीसरी बार ईंधन के दामों में बढ़ोतरी होने से परिवहन से लेकर घरेलू बजट तक पर असर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी दिल्ली सहित कई शहरों में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। इस नई बढ़ोतरी के बाद लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का सीधा असर बाजार में महंगाई पर भी पड़ता है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से फल, सब्जियां, दूध, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम भी ऊपर जाने लगते हैं। खासकर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह बढ़ती महंगाई बड़ी चुनौती बनती जा रही है। कई शहरों में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच चुका है, जबकि डीजल भी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और टैक्स बना वजह ?
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव और विभिन्न टैक्स ईंधन की कीमतों को प्रभावित करते हैं। पिछले कुछ दिनों में वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स भी पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत को काफी बढ़ा देते हैं। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से समय-समय पर कीमतों में संशोधन करती हैं। हालांकि आम जनता का मानना है कि लगातार हो रही बढ़ोतरी से घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। निजी वाहन चलाने वाले लोग अब कम दूरी के लिए भी वाहन इस्तेमाल करने से पहले सोचने लगे हैं।
ईंधन महंगा होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव पूरे आर्थिक तंत्र पर दिखाई देता है। बस किराया, ट्रक ट्रांसपोर्ट, टैक्सी सेवाएं और ऑनलाइन डिलीवरी जैसी सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार में अन्य वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में राहत नहीं मिलती, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। फिलहाल आम लोगों को उम्मीद है कि सरकार और तेल कंपनियां जल्द राहत देने के लिए कोई कदम उठाएंगी, ताकि महंगाई का बोझ कुछ कम हो सके।






