भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने के बाद बैंकिंग सेक्टर और लोन बाजार पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। रेपो रेट में स्थिरता का सीधा असर होम लोन, कार लोन और अन्य रिटेल लोन की ब्याज दरों पर पड़ता है। ऐसे में जो लोग नया घर खरीदने, कार लेने या किसी बड़े वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए कर्ज लेने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
देश के बड़े सरकारी और निजी बैंक अपने ग्राहकों को अलग-अलग ब्याज दरों पर होम और ऑटो लोन उपलब्ध करा रहे हैं। ब्याज दरें ग्राहक के क्रेडिट स्कोर, आय, रोजगार की स्थिति और लोन अवधि के आधार पर तय की जाती हैं। बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को आमतौर पर कम ब्याज दर पर लोन मिलने की संभावना रहती है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा, ICICI बैंक, HDFC बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख बैंक प्रतिस्पर्धी दरों पर होम और कार लोन ऑफर कर रहे हैं। सरकारी बैंकों की ब्याज दरें अक्सर निजी बैंकों की तुलना में थोड़ी कम हो सकती हैं, जबकि निजी बैंक तेज प्रोसेसिंग और डिजिटल सुविधाओं के कारण ग्राहकों को आकर्षित करते हैं।
लोन लेते समय केवल ब्याज दर नहीं, इन बातों का भी रखें ध्यान ?
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कम ब्याज दर देखकर लोन का चयन नहीं करना चाहिए। प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट चार्ज, लोन अवधि, EMI की राशि और अन्य छिपे हुए शुल्क भी कुल लागत को प्रभावित करते हैं। कई बार थोड़ी अधिक ब्याज दर वाला लोन भी बेहतर सुविधाओं और कम अतिरिक्त शुल्क के कारण फायदेमंद साबित हो सकता है।
होम लोन के मामले में लंबी अवधि के कारण ब्याज की कुल राशि काफी अधिक हो सकती है। इसलिए ग्राहकों को EMI कैलकुलेशन और कुल भुगतान राशि का आकलन करने के बाद ही निर्णय लेना चाहिए। वहीं कार लोन आमतौर पर कम अवधि के लिए होता है, इसलिए ब्याज दर में छोटा अंतर भी कुल भुगतान पर असर डाल सकता है। वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोन आवेदन करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर जांच लें। 750 या उससे अधिक का क्रेडिट स्कोर बेहतर माना जाता है और इससे कम ब्याज दर पर लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा विभिन्न बैंकों की ऑफर दरों की तुलना करना भी आवश्यक है।

RBI की मौद्रिक नीति के बाद फिलहाल ब्याज दरों में बड़े बदलाव की संभावना कम दिखाई दे रही है। हालांकि बैंक समय-समय पर अपनी आंतरिक नीतियों और बाजार की स्थितियों के अनुसार दरों में संशोधन कर सकते हैं। इसलिए लोन लेने से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से नवीनतम ब्याज दरों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। सही तुलना और समझदारी से लिया गया निर्णय आपको लंबे समय में हजारों रुपये की बचत करा सकता है।






