भारत और स्पेन के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने भारत के लोकप्रिय डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और स्पेन के Bizum भुगतान नेटवर्क के बीच आपसी कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए तकनीकी स्तर पर बातचीत तेज करने पर सहमति व्यक्त की है। यदि यह पहल सफल होती है, तो दोनों देशों के नागरिकों, पर्यटकों और कारोबारियों के लिए सीमापार डिजिटल भुगतान पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा। यह सहयोग वैश्विक डिजिटल भुगतान व्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका को भी मजबूत करेगा।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की हालिया यूरोप यात्रा के दौरान स्पेन में हुई उच्च स्तरीय बैठकों में इस विषय पर विशेष चर्चा हुई। उन्होंने स्पेन के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया। दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल अर्थव्यवस्था भविष्य की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बनेगी और आधुनिक भुगतान प्रणालियों का एक-दूसरे से जुड़ना व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देगा।
व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग पर भी रहा जोर ?
बैठक के दौरान भारत और स्पेन ने केवल डिजिटल भुगतान तक ही अपनी चर्चा सीमित नहीं रखी, बल्कि व्यापार और औद्योगिक सहयोग को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने हर वर्ष भारत–स्पेन संयुक्त आयोग (Joint Commission) की बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें सरकारी प्रतिनिधियों के साथ उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। स्पेन की ओर से भारत के साथ समन्वय बढ़ाने के लिए एक विशेष ‘इंडिया टीम’ गठित करने का सुझाव भी सामने आया।
चर्चा में ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, वस्त्र, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर विचार किया गया। इसके अलावा दोनों देशों ने पेशेवरों की आवाजाही को आसान बनाने, निवेश बढ़ाने तथा लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं पर काम करने की संभावनाओं पर भी सकारात्मक रुख अपनाया। पीयूष गोयल ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत चल रहे C-295 विमान निर्माण कार्यक्रम की प्रगति का स्वागत करते हुए इसे भारत और स्पेन की औद्योगिक साझेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। साथ ही माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप तथा सामाजिक सुरक्षा समझौते में हुई प्रगति को भी दोनों देशों के संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत माना गया।
भारत–स्पेन बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए गोयल ने उद्योग जगत से भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से मिलने वाले अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने अगले दस वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और पर्यटन को दस गुना तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी सामने रखा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि UPI और Bizum के बीच इंटरऑपरेबिलिटी स्थापित होती है, तो यह न केवल डिजिटल भुगतान को सरल बनाएगी, बल्कि दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। इससे सीमा पार व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा भारत की डिजिटल भुगतान तकनीक को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।






