चौथा अक्षर संवाददाता/नई दिल्ली,
राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद जंतर–मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) का धरना गुरुवार को 20वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी तिरपाल और बरसाती का सहारा लेकर डटे हुए हैं और अपनी मांगों के समर्थन में लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। इस आंदोलन के मुख्य चेहरा सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है। आंदोलनकारी मुख्य रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं, जबकि भूख हड़ताल पर बैठे एक छात्र की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सोनम वांगचुक का अडिग संकल्प
सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल अनशन समाप्त करने से छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों, शिक्षा प्रणाली और भविष्य की पीढ़ियों की है। उन्होंने शिक्षा के साथ–साथ पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया और कहा कि यदि समय रहते नीतियां नहीं बदली गईं, तो हिमालय और भारत की नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
संसद तक शांतिपूर्ण मार्च की तैयारी
आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को दिल्ली पहुंचने और संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का आह्वान किया है। उन्होंने देश के युवाओं और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रहें, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से मैदान में आकर भागीदारी सुनिश्चित करें। वांगचुक का मानना है कि सामूहिक जनभागीदारी से ही सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है और शिक्षा व पर्यावरण जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस समाधान निकाला जा सकता है।






