चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली/एजेंसी
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा पहली बार खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि वह अब इस विषय पर चुप नहीं रह सकतीं। सोनाक्षी सिन्हा ने सरकार से अपील की कि सोनम वांगचुक के साथ शीघ्र संवाद शुरू किया जाए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी मुद्दे पर अपनी बात रखना देशविरोधी होना नहीं है।
सोनम वांगचुक पिछले 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सकों ने चिंता व्यक्त की है। बताया जा रहा है कि लगातार उपवास के कारण उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर होती जा रही है और यदि यही स्थिति बनी रही तो उनके कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। इसी बीच विभिन्न क्षेत्रों की अनेक हस्तियां उन्हें उपवास समाप्त करने की सलाह दे रही हैं।
अपने वीडियो संदेश में सोनाक्षी सिन्हा ने कहा कि सोनम वांगचुक देश और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके अनुसार यह केवल एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि उन युवाओं और बच्चों के हितों से जुड़ा विषय है जिनके भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह ऐसे तंत्र के विरुद्ध संघर्ष है, जिसकी कमियों को सभी जानते हैं।
देश में इस विषय पर बनी चुप्पी पर भी सोनाक्षी सिन्हा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अनेक लोग इस मुद्दे पर मौन हैं, लेकिन वह अब चुप नहीं रह सकतीं। उन्होंने युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन उनकी बात सुनी भी जानी चाहिए।
सोनाक्षी सिन्हा ने अपने संदेश में कहा कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच किसी प्रकार का संवाद दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक की चिंताओं को सुना ही नहीं जाएगा तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने स्वयं को देश का जिम्मेदार नागरिक बताते हुए कहा कि देश के हित की बात करना किसी भी नागरिक का अधिकार है और इसे देशविरोधी नहीं माना जाना चाहिए।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि वह सोनम वांगचुक से उपवास समाप्त करने की अपील नहीं करेंगी। इसके बजाय उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह इस विषय पर बातचीत शुरू करे और स्थिति को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि स्थिति और गंभीर हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर देशभर में लगातार चर्चा हो रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की ओर से सरकार और आंदोलनकारियों के बीच शीघ्र संवाद स्थापित करने की मांग की जा रही है। वहीं सरकार की ओर से इस विषय पर अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






