चौथा अक्षर संवाददाता /नई दिल्ली
“ छात्रों की गूंज ”17 जुलाई को देहरादून आ रहा हूँ- राहुल गांधी
बहुत हुआ, चलो युवा, हाथ से हाथ जोड़ के, अन्याय का घड़ा फोड़ के।
युवा ख्वाब ये जल जाएंगे, सिंहासन तब हिल जाएंगे, छात्रों की गूंज, ये है छात्रों की गूंज।
शिक्षा Revolution की ओर देश के सभी छात्रों और युवाओं का उत्साह और जोश बढ़ाने के लिए 17 जुलाई को देहरादून आ रहा हूँ। पर उत्तराखंड ही क्यों? क्योंकि देवभूमि को पेपर लीक का epicentre बना दिया गया है। UKSSSC परीक्षा में यहाँ एक “सिस्टम” बैठ गया है, जहाँ पटवारी, लेखपाल, या कोई और पद क़ाबिलियत से नहीं, अपराधियों के तय किए रेट से मिलता है। सरकार ने सख़्त नकल-विरोधी क़ानून बनाया – फिर भी लीक होते रहे। क़ानून काग़ज़ पर रहा, और पेपर बाज़ार में बिकते रहे।
ज़रा सोचिए, एक बच्चे ने सालों तैयारी की। फ़ॉर्म भरा, फ़ीस दी, दूर के सेंटर तक गया। और उसका पद किसी और ने ख़रीद लिया। यह लीक नहीं – यह चोरी है। उस युवा के हक़ की, उसके रोज़गार की, उसके भविष्य की।
मैं उत्तराखंड के हर अभ्यर्थी, हर छात्र, हर युवा से कहता हूँ यह आपकी लड़ाई है, और मैं आपके साथ हूँ।
17 जुलाई, देहरादून। आइए, ‘छात्रों की गूँज’ को हुंकार बनाएँ। भविष्य नीलाम नहीं होने देंगे। सपने लीक नहीं होने देंगे।







