चौथा अक्षर संवाददाता/नई दिल्ली
सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अब इतने परेशान हो गए हैं राहुल गांधी कब क्या करने वाले हैं इसका पता लगाने के लिए उनके चारों तरफ़ ख़ुफ़िया नेटवर्क का जाल सा बिछा दिया है लेकिन राहुल गांधी हैं कि अपने अगले प्लानिग की भनक ही नहीं लगने दे रहे हैं। आज उन्होंने जैसे ही उन्होंने अपने आवास पर विपक्षी दलों की एक बैठक बुलाई सरकार के कान खड़े हो गए कि राहुल गांधी अब क्या करेंगे। पता चला कि राहुल गांधी विपक्षी दलों के सांसदों के साथ गांधी स्मृति पर जाकर नीट पेपर लीक की वजह से जिन छात्रों की जान चली गई है उनको श्रद्धांजलि देना चाहते थे फिर क्या था नेता विपक्ष राहुल गांधी के घर के बाहर पुलिस ने बैरिकेटिंग लगा दी है। लेकिन पुलिस उनको मगर गांधी स्मृति जाने से नहीं रोक सकी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तमाम सैसदों के साथ महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद गांधी स्मृति से निकल गए।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कहते हैं, “यह क्या हो रहा है? छात्रों के समर्थन में हम विपक्षी सांसदों को इंडिया गेट ले जाना चाहते थे। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। फिर हम उन्हें तीस जनवरी मार्ग ले जाना चाहते थे, जहाँ गांधीजी की हत्या हुई थी। और अब उन्होंने हमारे सामने यह बस खड़ी कर दी है, है ना? और उन्होंने बैरिकेड्स लगा दिए हैं और इस तरफ एक बस खड़ी कर दी है। इसलिए हम जा नहीं सकते। और वे ड्रामा कर रहे हैं। ज़ाहिर है, वे डरे हुए हैं। हमें लगा, सभी सांसदों को लगा कि अगर छात्र सड़कों पर हैं, तो हमें भी सड़कों पर होना चाहिए।”



कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा कहती हैं, “ये हमारे देश के युवा हैं, और जिस तरह से उन्हें पीटा जा रहा है, उन पर लाठीचार्ज हो रहा है और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह सब देख रहे हैं। हम यहां (गांधी स्मृति) सरकार और देश को यह संदेश देने आए हैं कि हमारा देश असल में किन मूल्यों पर खड़ा है। महात्मा गांधी ने किसके लिए और कैसे लड़ाई लड़ी थी? महात्मा गांधी, हमारे किसानों और गरीबों ने जो किया, वह एक अनोखी क्रांति और अनोखा आंदोलन था, क्योंकि उसमें किसी के खिलाफ हाथ नहीं उठाया गया था। आज उसी देश में, हमारे अपने बच्चों को सिर्फ इसलिए पीटा जा रहा है क्योंकि वे अपने हक की मांग कर रहे हैं। हम सब देख सकते हैं कि यह कितना गलत है। जिस लोकतंत्र के लिए महात्मा गांधी और अनगिनत लोगों ने अपनी जान दी, और जिसके लिए इतने सारे स्वतंत्रता सेनानियों ने संघर्ष किया, वह अब खतरे में है। आज, इसी देश में हम अपने ही बच्चों को पीट रहे हैं। हम उस लोकतंत्र को खत्म करने की ओर बढ़ रहे हैं जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी और कुर्बानी दी। जो सैनिक वर्दी पहनकर हमारी सीमाओं पर खड़े होते हैं, वे इस देश की रक्षा के लिए ऐसा करते हैं। क्या इसलिए, ताकि उनके बच्चों को परीक्षा के पेपर लीक होने पर न्याय मांगने और अपने हक की बात करने के लिए पीटा जाए?…”
तीस जनवरी मार्ग पर कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला कहते हैं, “कोई राजनीति नहीं कर रहा है, जिन छात्रों की पिटाई हो रही है, हमें उनके समर्थन में आगे आना चाहिए, हम उन्हें ऐसे नहीं छोड़ सकते, यह एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन है, आज गांधी जी की विचारधारा की हत्या की जा रही है…”






