गलत या पुरानी क्रेडिट जानकारी किसी व्यक्ति के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। बैंक से लोन लेने, क्रेडिट कार्ड बनवाने या किसी अन्य वित्तीय सुविधा का लाभ उठाने के दौरान CIBIL Score की अहम भूमिका होती है। ऐसे ही एक मामले में केरल के कोल्लम जिला कंज्यूमर कोर्ट ने HDFC Bank को ग्राहक की क्रेडिट रिपोर्ट से जुड़ी गलत जानकारी सुधारने और उसे मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत के फैसले के बाद यह मामला उन ग्राहकों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्हें अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी के कारण आर्थिक या मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गलत क्रेडिट जानकारी बनी विवाद की वजह ?
मामले में ग्राहक की शिकायत थी कि उसके संबंध में क्रेडिट ब्यूरो को ऐसी जानकारी उपलब्ध कराई गई, जिसे वह गलत मानता था। इस तरह की गलत रिपोर्टिंग का सीधा असर ग्राहक के CIBIL Score और उसकी भविष्य की क्रेडिट सुविधाओं पर पड़ सकता है। अगर किसी व्यक्ति की रिपोर्ट में गलत बकाया राशि, गलत भुगतान स्थिति या ऐसी देनदारी दिखाई जाए जिसे ग्राहक ने चुकता कर दिया हो, तो बैंक या वित्तीय संस्थान उसके आवेदन को जोखिम भरा मान सकते हैं।
ग्राहक ने संबंधित जानकारी को ठीक कराने के लिए बैंक से संपर्क किया, लेकिन विवाद का समाधान नहीं होने पर उसने उपभोक्ता अदालत का रुख किया। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने ग्राहक को हुई परेशानी और क्रेडिट संबंधी जानकारी को सही रखने की जिम्मेदारी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
कोर्ट ने HDFC Bank को दिया मुआवजे का आदेश ?
कोल्लम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मामले में HDFC Bank को ग्राहक की गलत क्रेडिट जानकारी को सुधारने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बैंक को ग्राहक को ₹50,000 का मुआवजा देने और ₹10,000 मुकदमा खर्च के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया गया। कुल मिलाकर ग्राहक को ₹60,000 की राशि मिलने का रास्ता साफ हुआ।
यह फैसला इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि बैंक और वित्तीय संस्थानों द्वारा क्रेडिट ब्यूरो को भेजी जाने वाली जानकारी कितनी महत्वपूर्ण होती है। किसी ग्राहक की वित्तीय स्थिति से संबंधित डेटा में छोटी सी गलती भी उसके लिए बड़ी समस्या बन सकती है।
CIBIL Score खराब होने से क्या नुकसान हो सकता है?
CIBIL Score किसी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री का महत्वपूर्ण संकेतक होता है। आमतौर पर अच्छा स्कोर होने पर लोन या क्रेडिट कार्ड की मंजूरी मिलने की संभावना बेहतर हो सकती है। वहीं गलत जानकारी के कारण स्कोर प्रभावित होने पर ग्राहक को अधिक ब्याज दर, कम क्रेडिट लिमिट या लोन आवेदन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए ग्राहकों को समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करते रहना चाहिए। अगर रिपोर्ट में कोई गलत खाता, बकाया रकम, भुगतान की गलत स्थिति या पहचान संबंधी गलती दिखाई देती है, तो उसे संबंधित बैंक और क्रेडिट ब्यूरो के सामने उठाना चाहिए। शिकायत से जुड़े दस्तावेज और बैंक के साथ हुई बातचीत का रिकॉर्ड भी संभालकर रखना उपयोगी होता है। कोल्लम उपभोक्ता अदालत का यह आदेश ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बैंक और वित्तीय संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे क्रेडिट ब्यूरो को सही और अपडेटेड जानकारी उपलब्ध कराएं। वहीं ग्राहकों को भी अपने CIBIL Score और क्रेडिट रिपोर्ट पर नजर रखनी चाहिए, ताकि किसी गलती का समय रहते समाधान कराया जा सके।





