वनडे क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे बल्लेबाज रहे हैं जिन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी से इस फॉर्मेट को नई पहचान दी। दाएं हाथ के बल्लेबाजों की लंबी सूची में विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर और रिकी पोंटिंग जैसे नाम शामिल हैं, लेकिन बाएं हाथ के बल्लेबाज भी रिकॉर्ड की दुनिया में किसी से पीछे नहीं रहे। खासकर लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले कई ‘खब्बू’ बल्लेबाजों ने वनडे में 10 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं। वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में श्रीलंका के कुमार संगकारा, सनथ जयसूर्या और भारत के सौरव गांगुली जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाजों का नाम बेहद खास है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, कुमार संगकारा 14,234 रन के साथ बाएं हाथ के बल्लेबाजों में सबसे आगे हैं। उन्होंने 404 वनडे मैचों में ये रन बनाए और उनके नाम 25 शतक भी दर्ज हैं।
संगकारा से लेकर गांगुली तक, खब्बू बल्लेबाजों का रहा दबदबा ?
श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा इस सूची में सबसे ऊपर हैं। बाएं हाथ के इस खूबसूरत बल्लेबाज ने वनडे क्रिकेट में 14,234 रन बनाए। उनका करियर 2000 से 2015 तक चला। संगकारा की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनकी तकनीक, टाइमिंग और मुश्किल परिस्थितियों में लंबी पारी खेलने की क्षमता थी। श्रीलंका के सनथ जयसूर्या ने वनडे क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी की परिभाषा बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने 13,430 रन बनाए। बतौर ओपनर उनका आक्रामक अंदाज विपक्षी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती बनता था। जयसूर्या के नाम वनडे में 28 शतक भी दर्ज हैं। भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सौरव गांगुली इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 11,363 रन बनाए। गांगुली की ऑफ-साइड पर शानदार बल्लेबाजी उनकी पहचान थी। उनकी कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने भी कई यादगार मुकाबले खेले।
वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल ने वनडे में 10,480 रन बनाए। उनकी पहचान लंबे छक्कों और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए रही। गेल वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले शुरुआती खिलाड़ियों में शामिल रहे और उनका 215 रन का स्कोर लंबे समय तक बाएं हाथ के बल्लेबाज द्वारा वनडे की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों में रहा। वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने 10,405 वनडे रन बनाए। लारा की बल्लेबाजी में क्लास और आक्रामकता दोनों का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता था। वनडे क्रिकेट में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की सफलता यह साबित करती है कि बल्लेबाजी की शैली केवल हाथ के इस्तेमाल पर निर्भर नहीं करती। संगकारा की तकनीकी मजबूती, जयसूर्या की आक्रामकता, गांगुली की टाइमिंग, गेल की ताकत और लारा की क्लास—इन सभी ने क्रिकेट प्रेमियों को अलग-अलग तरह की बल्लेबाजी देखने का मौका दिया।
इन खिलाड़ियों ने न केवल हजारों रन बनाए, बल्कि कई पीढ़ियों के बल्लेबाजों को प्रेरित भी किया। खास बात यह है कि वनडे में 10 हजार या उससे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में कई बाएं हाथ के दिग्गज मौजूद हैं। यही वजह है कि क्रिकेट के इतिहास में ‘खब्बू’ बल्लेबाजों का योगदान हमेशा खास माना जाएगा।






