उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले करीब 48 घंटे से रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, ललितपुर और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है, जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा ?
लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर निचले और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। तेज बारिश के कारण छोटे-बड़े नालों और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जबकि शहरी इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
काशी में गंगा के बढ़ते जलस्तर से चिंता ?
वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। गंगा के आसपास रहने वाले लोगों और घाटों पर गतिविधियों से जुड़े लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका बन सकती है।
बारिश का असर सिर्फ वाराणसी तक सीमित नहीं है। पूर्वांचल के कई जिलों में नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदियों में अचानक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में नदी और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की घटनाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए खेतों में जरूरी काम सावधानी से करने की जरूरत है।
प्रशासन की ओर से संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा सकती है। राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखने की जरूरत है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों तक जल्द मदद पहुंचाई जा सके। फिलहाल प्रदेशवासियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें। खासकर उन जिलों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए जहां भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को बारिश की तीव्रता बढ़ने की स्थिति में जलभराव, यातायात बाधित होने और नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।






