चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली /छाया – आशीष कर
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के मोती बाग स्थिति सत्य निकेतन इलाके में रविवार (6 सितंबर ) दोपहर एक इमारत अचानक ढह गई। बताया जा रहा है कि इस 5 मंजिला इमारत में लड़कों हॉस्टल संचालित हो रहा था और इसमें ज्यादातर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रहते थे। मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है।। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और अन्य राहत-बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बचाव अभियान के दौरान अब तक 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया है कि इमारत के अंदर करीब 25 से 30 छात्र मौजूद थे। हालांकि, मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। घटना में 3 की मौत बताई जा रही है।
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने भी बचाव अभियान में मदद की। स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर उसके नीचे दबे लोगों को तलाशने की कोशिश की। इसके बाद पेशेवर बचाव दलों ने मोर्चा संभाल लिया। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं।
इस इमारत के गिरने की सूचना दोपहर करीब 1:34 बजे पुलिस को पी.सी.आर. कॉल के जरिए मिली। इसके बाद स्थानीय पुलिस, दमकलकर्मी, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को मौके पर भेजा गया। एनडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। राहत एवं बचाव कर्मी मलबे को सावधानी से हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और वह पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें मिलकर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। एहतियात के तौर पर हादसे से सटी इमारत को भी खाली कराया गया है।
घटना पर कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने कहा कि चुनाव से भी ज़्यादा अहम बात यह है कि यहां बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं और दिल्ली में इमारतें इसी तरह गिरती रहती हैं। इन बच्चों की जिस तरह से जान गई, वह बेहद दुखद है। सरकार को तुरंत इन बच्चों और उनके परिवारों की मदद करनी चाहिए और यह पक्का करने की हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। यह वाकई दिल तोड़ने वाला है। अभी सबसे ज़्यादा ध्यान बच्चों की मदद करने पर होना
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का समय नहीं है। यह बचाव कार्य का समय है। हम सभी बचाव अभियान में लगे हैं और हमारी टीमें काम कर रही हैं। इससे ज़्यादा दुखद कुछ नहीं हो सकता। अब तक तीन बच्चों को बचाया जा चुका है। अनुमान है कि अभी भी 25-26 बच्चे अंदर हैं, हालांकि अधिकारियों ने हमें अभी तक सही संख्या नहीं बताई है… पहले भी आग से सुरक्षा, इमारत की सुरक्षा, इमारत के नक्शे और MCD, NDMC व अन्य अधिकारियों के कामकाज पर सवाल उठाए गए हैं। जो भी सरकार सत्ता में है, उसे जवाब देना होगा। मैं यहां एक राजनेता के तौर पर नहीं, बल्कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और एक इंसान के तौर पर आया हूं। लेकिन हम जवाब ज़रूर मांगेंगे। ‘दिल्ली सरकार पूरी तत्परता से कार्रवाई कर रही’ वहीं, BJP विधायक कैलाश गहलोत ने कहा, कि दिल्ली सरकार पूरी तत्परता से कार्रवाई कर रही है। फायर डिपार्टमेंट और डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। दुख की इस घड़ी में मैं प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा हूं। मैं उन्हें भरोसा दिलाना चाहता हूं कि दिल्ली सरकार के सभी विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री उनके साथ खड़े हैं। छात्रों की बड़ी आबादी वाला इलाका है सत्य निकेतन आपको बता दें कि सत्य निकेतन दक्षिण दिल्ली का एक प्रमुख छात्र इलाका है। यहां दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाले बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। इलाके में कई हॉस्टल, पीजी और छात्र आवास हैं। इसी वजह से इमारत में छात्रों के मौजूद होने की आशंका के बाद बचाव अभियान को लेकर चिंता और बढ़ गई है। फिलहाल NDRF और अन्य एजेंसियां मलबे के भीतर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में सत्य निकेतन के पास इमारत गिरने की घटना पर DUSU प्रेसिडेंट आर्यन मान ने कहा, “अब तक लगभग 10-15 छात्रों को बचाया जा चुका है, हालांकि कुछ अभी भी अंदर फंसे हुए हैं। हम उनसे संपर्क में हैं और पूरी NDRF टीम मौके पर पहुंच गई है। मैंने मुख्यमंत्री से बात की है और छात्रों की मदद के लिए दूसरी टीमें भी रास्ते में हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सभी छात्रों को अस्पताल ले जाया जा रहा है; घटना के समय लगभग 15-20 छात्र वहां मौजूद थे और 10 को बचा लिया गया है। उनकी हालत के बारे में अभी कोई खास जानकारी नहीं है, लेकिन उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। मैंने मुख्यमंत्री और कमिश्नर से बात की है; हम इस घटना को लेकर सभी के साथ तालमेल बिठा रहे हैं और JCB और फायर ब्रिगेड यूनिट समेत सभी टीमें मौके पर मौजूद हैं…”
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर CATS (सेंट्रलाइज़्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज़) के नोडल ऑफ़िसर बलराज सिंह ने कहा कि अब तक पांच लोगों को AIIMS ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। हम अभी उनकी हालत के बारे में कुछ नहीं कह सकते। अस्पताल ही इस बारे में जानकारी दे पाएगा। कहा जा रहा है कि 25-30 लोग हताहत हो सकते हैं। घटनास्थल पर 17 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। हादसे की वजह का पता लगाया जा रहा फिलहाल इमारत गिरने की वजह स्पष्ट नहीं है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच करेंगी। बचाव अभियान पूरा होने के बाद इमारत की स्थिति, निर्माण और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जाएगी। पुलिस और राहत एजेंसियों की ओर से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे की पूरी तरह तलाशी लिए जाने के बाद ही हादसे में फंसे या घायल लोगों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा सत्य निकेतन, दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए। उन्होंने कहा दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। सरकार को नींद से जागना होगा। बड़े स्तर पर एक्शन लेकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है।






