वाराणसी: काशी में उच्च शिक्षा और आधुनिक फॉरेंसिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ी परियोजना आकार लेने जा रही है। National Forensic Sciences University (NFSU) का नया परिसर वाराणसी के राजातालाब तहसील क्षेत्र के शहंशाहपुर में 50 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 अक्टूबर 2026 को परिसर के भवन की आधारशिला रख सकते हैं।
₹150 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक कैंपस ?
रिपोर्ट के मुताबिक नए परिसर के निर्माण पर करीब ₹150 करोड़ खर्च किए जाएंगे और भवन को लगभग तीन साल में तैयार करने का लक्ष्य है। इसके लिए पशुपालन विभाग की जमीन का हस्तांतरण भी पूरा हो चुका है। वाराणसी का यह परिसर उत्तर प्रदेश में NFSU का दूसरा कैंपस होगा।
फिलहाल विश्वविद्यालय की कक्षाएं अस्थायी व्यवस्था के तहत जाल्हूपुर स्थित समेकित विद्यालय परिसर में संचालित हो रही हैं। यहां शुरुआती बैच में पांच वर्षीय BSA-MSc और दो वर्षीय MSc जैसे कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू हो चुकी है।
फॉरेंसिक साइंस और साइबर जांच की पढ़ाई ?
नया कैंपस तैयार होने के बाद यहां फॉरेंसिक साइंस, साइबर इन्वेस्टिगेशन और क्रिमिनोलॉजी जैसे विशेषज्ञता वाले पाठ्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इससे पूर्वांचल और बिहार के विद्यार्थियों को फॉरेंसिक विज्ञान से जुड़े उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण के नए अवसर मिल सकते हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार NFSU देश में आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने वाली प्रमुख संस्थाओं में है। इसके कार्यक्रमों में DNA Analysis, Cyber Forensics, Digital Forensics, Forensic Psychology, Ballistics और Crime Scene Management जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
कैंपस में मिलेंगी आधुनिक लैब और स्मार्ट क्लास ?
नए परिसर में विद्यार्थियों के लिए उच्च स्तरीय फॉरेंसिक और साइबर सुरक्षा प्रयोगशालाएं, डिजिटल फॉरेंसिक एवं व्यवहार विज्ञान से संबंधित रिसर्च लैब, स्मार्ट क्लासरूम, सेमिनार हॉल और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। साथ ही छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
विद्यार्थियों की संख्या 500 से अधिक होने की उम्मीद ?
भवन और अन्य सुविधाएं तैयार होने के बाद यहां कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की योजना है। रिपोर्ट के अनुसार भविष्य में कैंपस में विद्यार्थियों की संख्या 500 से अधिक हो सकती है। इससे वाराणसी फॉरेंसिक शिक्षा और अनुसंधान के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
देश के फॉरेंसिक इकोसिस्टम को मिलेगा सहयोग ?
केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में फॉरेंसिक विज्ञान से जुड़े शिक्षा और जांच ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है। मार्च 2026 में गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश समेत छह राज्यों में NFSU और Central Forensic Science Laboratories के बीच सहयोग बढ़ाने की योजनाओं की जानकारी दी थी। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य वैज्ञानिक जांच, प्रशिक्षित मानव संसाधन और आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों की उपलब्धता बढ़ाना है।
वाराणसी में 50 एकड़ में बनने वाला NFSU कैंपस विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और रिसर्च की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र में फॉरेंसिक विशेषज्ञता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना होगा।






