मुंबई: भारतीय कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान IPO बाजार ने नया रिकॉर्ड बनाया। शेयर बाजार में अधिकांश समय उतार-चढ़ाव के बावजूद 78 कंपनियों ने मेनबोर्ड IPO के जरिए कुल ₹94,205 करोड़ जुटाए। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले करीब 35% अधिक है। पिछले साल अप्रैल-सितंबर के दौरान 65 कंपनियां मेनबोर्ड IPO लेकर आई थीं और इनके जरिए ₹69,533 करोड़ जुटाए गए थे। इस लिहाज से इस साल IPO की संख्या के साथ-साथ कंपनियों की ओर से जुटाई गई पूंजी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
साल की शुरुआत रही धीमी ?
IPO बाजार ने भले ही छह महीने में रिकॉर्ड फंड जुटाया हो, लेकिन वित्त वर्ष की शुरुआत काफी धीमी रही थी। अप्रैल से जून 2026 के पहले तीन महीनों में कंपनियां मेनबोर्ड IPO के जरिए केवल ₹3,794 करोड़ जुटा पाई थीं। इसके बाद IPO गतिविधियों में तेजी आई और अगस्त-सितंबर में बड़े इश्यू बाजार में आए। सितंबर में NSE का ₹22,562.71 करोड़ का IPO इस अवधि के सबसे बड़े इश्यू में शामिल रहा। वहीं जुलाई में SBI Funds Management ने करीब ₹9,795 करोड़ और Manipal Health Enterprises ने करीब ₹9,275 करोड़ जुटाए।
कुल इक्विटी फंडरेजिंग ₹2.43 लाख करोड़ ?
अगर मेनबोर्ड IPO के साथ SME IPO, Qualified Institutional Placements यानी QIP तथा Infrastructure और Real Estate Investment Trusts जैसे माध्यमों से जुटाई गई रकम को भी शामिल किया जाए, तो अप्रैल-सितंबर 2026 में कंपनियों ने कुल ₹2.43 लाख करोड़ की इक्विटी पूंजी जुटाई। PRIME Database के अनुसार यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 75% अधिक है और अब तक का रिकॉर्ड स्तर है।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत रहा IPO बाजार ?
खास बात यह है कि यह रिकॉर्ड फंडरेजिंग ऐसे समय हुई जब सेकेंडरी शेयर बाजार में छह महीनों के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बावजूद कंपनियों और निवेशकों की IPO में रुचि बनी रही। बड़े इश्यू और घरेलू निवेशकों से मिलने वाली मजबूत पूंजी ने प्राइमरी मार्केट को सहारा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, उपलब्ध आंकड़ों वाले IPO में औसत लिस्टिंग गेन भी पिछले साल के करीब 7% से बढ़कर लगभग 19% रहा।
आगे भी IPO की लंबी कतार ?
IPO बाजार में आगे भी गतिविधियां जारी रहने की उम्मीद है। PRIME Database के अनुसार, 145 कंपनियों को SEBI की मंजूरी मिल चुकी है और ये कंपनियां करीब ₹2.78 लाख करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा 102 कंपनियां SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं और इनके संभावित इश्यू का आकार करीब ₹1.87 लाख करोड़ बताया गया है।
इससे संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में भी भारतीय प्राथमिक बाजार में कई बड़े IPO देखने को मिल सकते हैं। अप्रैल-सितंबर 2026 में 78 मेनबोर्ड IPO के जरिए ₹94,205 करोड़ जुटाया जाना भारतीय IPO बाजार के लिए रिकॉर्ड रहा। हालांकि, IPO में निवेश करते समय केवल बाजार की तेजी या लिस्टिंग गेन को देखकर फैसला लेने के बजाय कंपनी के बिजनेस मॉडल, वैल्यूएशन, वित्तीय स्थिति और जोखिमों का स्वतंत्र आकलन करना जरूरी है।






