नई दिल्ली: सरकारी कंपनी NLC India Limited के लिए पावर सेक्टर से एक अहम खबर सामने आई है। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी NLC India Renewables Limited (NIRL) को गुजरात में 300 मेगावाट (MW) क्षमता की विंड पावर परियोजना विकसित करने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। कंपनी ने 28 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी।
इस नए प्रोजेक्ट के साथ कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार को विस्तार मिलने की संभावना है। दूसरी ओर, NLC India ने ओडिशा में बिजली उत्पादन और खनिज प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए बड़े निवेश की योजना भी पेश की है।
गुजरात में कैसे मिला 300 MW का विंड पावर प्रोजेक्ट?
NLC India Renewables Limited ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) की प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। शुरुआत में कंपनी को 100 MW क्षमता के विंड पावर प्रोजेक्ट के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया। इसके बाद कंपनी ने ग्रीनशू विकल्प के तहत अतिरिक्त 100 MW और एक अन्य अतिरिक्त विकल्प के तहत 100 MW क्षमता भी स्वीकार की। इस तरह परियोजना की कुल क्षमता 300 MW हो गई। इसके लिए NIRL को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है।
विंड पावर परियोजनाओं से हवा की ऊर्जा का इस्तेमाल करके बिजली बनाई जाती है। यह कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, उपलब्ध घोषणा में इस परियोजना की कुल लागत और बिजली उत्पादन शुरू होने की तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है।
ओडिशा में ₹35,000 करोड़ के निवेश की योजना ?
NLC India ने 22 अक्टूबर 2026 को ओडिशा की औद्योगिक प्रोत्साहन एवं निवेश एजेंसी IPICOL के साथ कई प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे।
इन योजनाओं में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- ₹35,000 करोड़ का निवेश: 3,200 MW क्षमता वाला अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने की प्रस्तावित योजना।
- ₹2,000 करोड़ का निवेश: बीच सैंड मिनरल प्रोसेसिंग यानी समुद्र तटीय रेत से खनिजों के प्रसंस्करण की सुविधा विकसित करने की योजना।
- कोल गैसीफिकेशन परियोजना: कोयले से सिंथेसिस गैस तैयार करने और उसके इस्तेमाल से उर्वरक उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन।
इन प्रस्तावों के तहत कुल संभावित निवेश लगभग ₹37,000 करोड़ है। इसमें ₹35,000 करोड़ की थर्मल पावर परियोजना सबसे बड़ा हिस्सा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये प्रस्तावित निवेश हैं। MoU पर हस्ताक्षर होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू हो गया है या पूरी राशि खर्च की जा चुकी है
शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब क्यों चर्चा में है?
NLC India के शेयर में हाल के कारोबारी सत्रों में कमजोरी की खबरों के बीच कंपनी की नई परियोजनाएं निवेशकों का ध्यान खींच रही हैं। 28 अक्टूबर 2026 की एक बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, उस दिन शेयर का उच्च स्तर ₹230.40 रहा और कारोबार के अंत में यह ₹227.95 पर बंद हुआ।
हालांकि, किसी शेयर को 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब बताने के लिए उसके ताजा 52-सप्ताह के न्यूनतम भाव से तुलना करना जरूरी है। उपलब्ध आंकड़ों से उस तारीख का सटीक 52-सप्ताह का न्यूनतम भाव स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं होता, इसलिए इस दावे की पुष्टि के बिना इसे निश्चित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। निवेशकों के लिए यह भी समझना जरूरी है कि किसी कंपनी को नया प्रोजेक्ट मिलना अपने आप शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं है। परियोजना की लागत, बिजली बेचने की दर, वित्तपोषण, निर्माण में लगने वाला समय और भविष्य की कमाई जैसे पहलू कंपनी के वास्तविक वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
NLC India के कारोबार के लिए क्या है इसका महत्व?
NLC India का पारंपरिक कारोबार खनन और बिजली उत्पादन से जुड़ा रहा है। गुजरात में नया विंड पावर प्रोजेक्ट मिलने से उसके नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को विस्तार मिलेगा, जबकि ओडिशा की योजनाएं तापीय बिजली उत्पादन और खनिज प्रसंस्करण में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने से जुड़ी हैं। इन अलग-अलग क्षेत्रों में विस्तार से कंपनी के भविष्य के कारोबार के अवसर बढ़ सकते हैं। दूसरी तरफ, बड़े पूंजीगत निवेश के लिए वित्तीय संसाधनों की जरूरत होगी और परियोजनाओं को समय पर पूरा करना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
NLC India के लिए गुजरात का 300 MW विंड पावर प्रोजेक्ट और ओडिशा में प्रस्तावित ₹37,000 करोड़ की निवेश योजनाएं कंपनी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं। फिर भी निवेश से जुड़े फैसले लेने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति, मूल्यांकन और शेयर के ताजा बाजार आंकड़ों का अध्ययन करना जरूरी है।





