अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा और कृषि बाजार में एथेनॉल कारोबार को लेकर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका और मैक्सिको के बीच अमेरिकी एथेनॉल के निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रारंभिक समझौता हुआ है। इस समझौते से अमेरिका के लिए करीब 1.5 अरब डॉलर का नया बाजार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही मैक्सिको को अमेरिकी एथेनॉल का निर्यात लगभग 32 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य मैक्सिको के बाजार में अमेरिकी एथेनॉल की पहुंच बढ़ाना और दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को मजबूत करना है। अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस ने 26 अक्टूबर को आयोवा के सीडर रैपिड्स स्थित आर्चर डेनियल्स मिडलैंड (ADM) की एक इकाई के दौरे के दौरान इस घटनाक्रम की घोषणा की।
एथेनॉल निर्यात बढ़ाने पर अमेरिका का जोर ?
अमेरिका दुनिया के प्रमुख एथेनॉल उत्पादक देशों में शामिल है। वहां मक्का यानी कॉर्न से बड़े पैमाने पर एथेनॉल का उत्पादन किया जाता है। इसका इस्तेमाल पेट्रोल के साथ मिश्रण करके परिवहन क्षेत्र में किया जाता है। अमेरिकी सरकार लंबे समय से अपने कृषि उत्पादों और उनसे तैयार होने वाले ऊर्जा उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का विस्तार करने पर काम कर रही है। मैक्सिको के साथ प्रस्तावित समझौता इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अगर यह समझौता पूरी तरह लागू होता है, तो अमेरिकी उत्पादकों को अपने एथेनॉल की बिक्री के लिए एक बड़ा अतिरिक्त बाजार मिल सकता है। इससे कृषि क्षेत्र, एथेनॉल उत्पादन कंपनियों और निर्यात कारोबार को फायदा पहुंचने की संभावना है।
1.5 अरब डॉलर का नया बाजार अवसर ?
USDA के अनुमान के मुताबिक, इस समझौते से अमेरिका के लिए लगभग 1.5 अरब डॉलर का निर्यात अवसर तैयार हो सकता है। इसके अलावा मैक्सिको को अमेरिकी एथेनॉल का निर्यात करीब 32 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना जताई गई है। यह संभावित बढ़ोतरी अमेरिकी किसानों और एथेनॉल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। खासकर मक्का उत्पादक किसानों को इसका लाभ मिल सकता है, क्योंकि अमेरिका में एथेनॉल उत्पादन के लिए मक्का प्रमुख कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है
समझौते को लागू करने की प्रक्रिया शुरू ?
प्रारंभिक समझौते के बाद अब दोनों देशों के बीच इसे लागू करने की दिशा में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर काम किया जा रहा है। USDA के एक प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिकी कृषि विभाग इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए मैक्सिको के संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करेगा। इसी क्रम में मैक्सिको के अधिकारी तकनीकी मूल्यांकन के लिए अमेरिका के टेक्सास राज्य के ह्यूस्टन का दौरा कर रहे हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य एथेनॉल के निर्यात से जुड़ी आवश्यकताओं और तकनीकी पहलुओं का मूल्यांकन करना है।
वैश्विक एथेनॉल बाजार पर क्या होगा असर?
अमेरिका और मैक्सिको के बीच यह पहल वैश्विक एथेनॉल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि दोनों देशों के बीच बाजार पहुंच से जुड़ी बाधाएं कम होती हैं, तो एथेनॉल की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति और व्यापार में विस्तार हो सकता है इसके अलावा, जैव ईंधन की बढ़ती मांग के बीच कृषि आधारित ईंधन उत्पादों के लिए नए बाजार विकसित होने की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम ?
भारत भी पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने और घरेलू जैव ईंधन उद्योग को विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में अमेरिका और मैक्सिको के बीच होने वाला यह संभावित व्यापार समझौता अंतरराष्ट्रीय एथेनॉल बाजार की प्रतिस्पर्धा और मांग को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
हालांकि, अमेरिकी एथेनॉल निर्यात में संभावित वृद्धि का भारत पर सीधा असर पड़ेगा या नहीं, यह वैश्विक कीमतों, आपूर्ति और व्यापार नीतियों पर निर्भर करेगा। अमेरिका और मैक्सिको के बीच एथेनॉल व्यापार समझौते की दिशा में हुई प्रगति से अमेरिकी कृषि और जैव ईंधन उद्योग को नए अवसर मिलने की उम्मीद है। 1.5 अरब डॉलर के संभावित बाजार और निर्यात में 32 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान इस पहल को महत्वपूर्ण बनाता है। अब दोनों देशों के बीच तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही इसकी वास्तविक व्यावसायिक तस्वीर स्पष्ट होगी।






