श्याम लाल शर्मा/नई दिल्ली, छायाकार – आशीष कर/आर बी यादव
राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान, राहुल गांधी की 1 नवंबर को समूचे विपक्षी गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में शामिल होने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का आवाहन, दो दिन पूर्व हुई बरसात से जगह जगह कीचड़, बावजूद इसके 11 बजते बजते मैदान पूरी तरह खचाखच भर गया। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास 10 राजाजी मार्ग पर कांग्रेस और गठबंधन के प्रमुख नेताओं का जमावड़ा लगा और फिर भारी भीड़ के चलते गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं को मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक प्रस्तावित पदयात्रा के बजाय खुले वाहनों से रैली के रूप में आगे बढ़ना पड़ा जिसमे करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करने में नेताओं को डेढ़ घंटे का समय लग गया।भीड़ इतनी कि व्यवस्था के नाम पर12 बजते बजते पुलिस ने लोगों के हुजूम को जहाँ के तहाँ रोक दिया।मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के मुद्दे पर किये गए इस महारैली के आयोजन में विपक्षी गठबंधन के 23 दलों के प्रमुख नेताओं सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया।नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा वोट चोरी के जरिये ज्ञानेश कुमार की मदद से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पद से हटेंगें और वह जेल जाएंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के जरिये मोदी प्रधानमंत्री बने है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पद से हटेंग और वह जेल जाएंगे।उन्होंने ने कहा संविधान से बड़ा कोई नहीं है और देश के लोकतंत्र को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने रैली को सफल बनाने के लिए लोगों का आभार जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से देश में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव 2024 और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में मतदाता सूची से नाम काटकर वोट चोरी की गई। उन्होंने कहा कि करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं को सूची से बाहर किया गया है और 2024 के बाद भी मतदाताओं के नाम काटे गए।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पद से हटना होगा और जेल जाना होगा। श्री गांधी ने आरोप लगाया कि उनके बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और अमित शाह गृह मंत्री नहीं बन सकते थे। उन्होंने बेरोजगारी और निजीकरण को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवा और मजदूर रोजगार के लिए परेशान हैं, जबकि देश की संपत्ति अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों के पास जा रही है। श्री गांधी ने कहा कि यह किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि जनता की आवाज का आंदोलन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष हिंसा में विश्वास नहीं करता और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वोट चोरी करने वाले बच नहीं सकते और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी और उनके किए की उन्हें ज़रूर सजा मिलेगी।
श्री गांधी ने विपक्षी इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को यहां रविवार को रामलीला मैदान में संबोधित करते हुए कहा कि श्री कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाना विपक्ष का पहला लक्ष्य है और वह पद से हटेंगे तथा जेल जाएंगे। उन्होंने कहा, “आप संविधान से बड़े नहीं हैं।” लंबे समय से वोट चोरी होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के चुनावों में धांधली की गई है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद करीब साढ़े तीन करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। करीब 60 मतदाताओं में से एक मतदाता का नाम सूची से हटा और इस तरह करीब 15 प्रतिशत वोटरों को सूची से हटाया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्ष के बीच मतों का अंतर केवल तीन प्रतिशत था। मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया और यह देश के नागरिकों की आवाज छीनने जैसा है।
श्री गांधी ने कहा कि यह सामान्य चोरी नहीं बल्कि देश के हर नागरिक की आवाज और अभिव्यक्ति के अधिकार की भी चोरी है। उनका कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त यदि वोटो की हेरा फेरी नहीं करते, वोट चोरी नहीं करते तो श्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और श्री अमित शाह गृह मंत्री नहीं बन सकते थे। उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), न्यायपालिका और नौकरशाही जैसी संस्थाओं पर कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन संस्थाओं का उद्देश्य देश के लोगों के हितों की रक्षा करना है लेकिन मोदी सरकार का इन संस्थाओं पर कब्जा है और इन पर नियंत्रण के कारण युवाओं, गरीबों, किसानों और श्रमिकों को उनका हक नहीं मिल रहा है, जबकि अडानी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे लोगों को ऐसा भारत नहीं चाहिए, जहां गरीबों के पैसे का इस्तेमाल कुछ चुनिंदा लोगों के फायदे के लिए हो और आम नागरिकों को सम्मान न मिले। उनका कहना था कि एक गरीब आदमी अगर बैंकों से लोन लेता है और लौटने की स्थिति में नगीन है तो उसे दंडित किया जाता है लेकिन उद्योगपति पैसा डकार रहे और उनका कुछ नहीं हो रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि किसान मेहनत करता है और अपने खून-पसीने से देश को सींचता है, तो उसे उसका फल मिलना चाहिए। इसी तरह विद्यार्थियों को उनकी मेहनत और पढ़ाई का उचित परिणाम मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा और देश की जनता कोन्याय मिलना चाहिए। श्री गांधी ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के लोग किसी से नफरत नहीं करते हैं और ना ही किसी को अपना दुश्मन मानते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग नफरत नहीं मोहब्बत की दुकान चलाने वाले लोग हैं, हिंसा के बजाय अहिंसा में विश्वास करने वाले लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी, श्री शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देश में नफरत फैलाई है, जिससे देश को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश के संविधान और उसकी आत्मा पर हमला हुआ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देश के लोग नफरत और दुश्मनी नहीं भाईचारा, प्यार और मोहब्बत चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में मोहब्बत की दुकान खुलने जा रही है और इस मोहब्बत के बल पर अब भारत सही रास्ते पर आगे बढ़ेगा।
श्री गांधी ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी एक राजनीतिक दल या नेता के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान और उसकी आत्मा की आवाज है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी बहुत बड़ा अपराध है और श्री कुमार ने बहुत बड़ा अपराध किया है। वोट चोरी के मामले में जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाकर देश के लोगों को न्याय दिलाना होगा और यह काम होकर रहेगा। जो सत्ता सवालों से डरती है, उसकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। जो संस्थाएँ यह भूल जाती हैं कि वे जनता की सेवा के लिए हैं, सत्ता के लिए नहीं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा, चाहे कुर्सी पर ज्ञानेश कुमार हों या कोई और।राहुल गांधी ने कहा कि यह भगवान शिव की बारात है, इसमें हर कोई आ सकता है। नतीजतन आज रामलीला मैदान में छात्र, किसान, नेता, आदिवासी और साधु संत सभी पहुंचे हुए हैं।माहौल बदल रहा है। जनता ने अपनी आवाज़ पा ली है।
इससे पहले रामलीला मैदान में आई भारी भीड़ को कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि मोदी सरकार की विदाई के दिन नजदीक हैं और देश में वोट चोरी की साजिश में भूमिका निभाने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा तथा उनके खिलाफ जांच भी होगी। श्री खरगे ने रामलीला मैदान में विपक्षी इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त जनता की आवाज समझ लें, क्योंकि वे लोगों का अधिकार नहीं छीन सकते। उन्होंने कहा कि यह आजादी की दूसरी लड़ाई है और विपक्ष इसे जीतकर रहेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर करीब 14 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि हटाए गए नामों में कितने विदेशी नागरिक थे। उन्होंने दावा किया कि छह राज्यों में 10 करोड़ मतदाताओं में केवल 1,600 विदेशी मिले हैं, जिनमें अधिकतर नेपाल के नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा घुसपैठियों के नाम पर झूठ बोल रही है और मतदाता सूची में बदलाव का इस्तेमाल चुनावी फायदे के लिए किया जा रहा है।
श्री खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और मजदूरों की समस्याओं की चिंता नहीं है बल्कि उसे अपनी कुर्सी की चिंता है। उन्होंने कहा कि चुनिंदा पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण से रोजगार और आरक्षण पर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने का वादा पूरा नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सरकार चुनते हैं लेकिन मोदी सरकार अपनी पसंद के मतदाता चुनने में लगी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या युवाओं, किसानों और कमजोर तबकों के वोट इसलिए काटे जाएंगे कि वे सरकार से सवाल पूछते हैं और अपने अधिकारों की मांग करते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में कोई सरकार स्थायी नहीं होती और जनता ही तय करती है कि कौन सत्ता में रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अहंकार में यह कहना बंद करें कि भाजपा 30 या 40 साल तक सत्ता में रहेगी। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार संविधान से मिला है, कोई खैरात नहीं, और इसे कोई छीन नहीं सकता।

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए और भाजपा की तुलना अंग्रेजी शासन से की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भी वही तरीके अपना रही है, जिनका इस्तेमाल कभी अंग्रेज भारतीयों को दबाने के लिए करते थे। अपने संबोधन में उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की।
महारैली को संबोधित करते हुए नेहा बोरा ने कहा कि भारत में सभी नागरिकों का समान दर्जा है और एक वोट इसी समानता का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोगों से उनका मताधिकार छीना जाता है तो उन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने जैसी स्थिति पैदा होती है। उन्होंने कहा कि देश के मुसलमानों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और गरीब मजदूरों को बार-बार कतारों में खड़ा कर उनसे नागरिकता के प्रमाण मांगे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जा रहा है, उनसे यह अधिकार किस आधार पर छीना जा रहा है।
नेहा बोरा ने अपने संबोधन में अंग्रेजी शासन का उल्लेख करते हुए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अंग्रेज स्वतंत्रता सेनानियों से शांति बनाए रखने के बंधपत्र भरवाते थे और इसके बाद उन्हें जेल भेजा जाता था। उनके अनुसार, आज भी लोकतंत्र के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को इसी तरह बंधपत्र भरने के लिए विवश करने और जेल में डालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा लेकर दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन करने वाले लोगों पर लाठीचार्ज किया गया, उनके कपड़े फाड़े गए और महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं हुईं। उन्होंने इन आरोपों को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यशैली से जोड़ते हुए कहा कि इतिहास की ऐसी घटनाओं को दोहराया जा रहा है। नेहा बोरा ने विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के समान अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी गठबंधन को आम जनता का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मताधिकार में अनियमितताओं और लोकतंत्र को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ सभी विपक्षी दल एक मंच पर आए हैं। उन्होंने कहा कि सभी दल देश, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हुए हैं। यह लड़ाई नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए है।उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गंभीर आरोप लगाए। महाभारत और शकुनि का उदाहरण देते हुए तेजस्वी ने कहा कि जब शकुनि अपनी चाल चल रहा हो तो लोकतंत्र की रक्षा के लिए कुरुक्षेत्र में उतरकर संघर्ष करना जरूरी हो जाता है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने और उन्हें जेल भेजने की मांग भी की।
तेजस्वी यादव ने कहा कि रामलीला मैदान आमतौर पर रामायण के आयोजन के लिए जाना जाता है, लेकिन आज यहां वोट चोरों के खिलाफ महाभारत हो रहा है। उन्होंने कहा कि शकुनि जब पासा फेंकता था तो उसमें बेईमानी होती थी। आज भी कुछ ऐसी ही परिस्थितियां पैदा हो गई हैं। ऐसे में लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।
तेजस्वी यादव ने निर्वाचन आयोग में कथित सॉफ्टवेयर घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को निविदा दी गई थी तो उससे संबंधित दस्तावेज कहां हैं? उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग यह तय कर रहे हैं कि किसे मतदान का अधिकार मिलेगा और किसे नहीं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए गंभीर चुनौती बताया।
राजद नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री मोदी की कठपुतली बताते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का साहस न कर सके। तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा केवल तानाशाही नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं का निष्पक्ष तरीके से काम नहीं करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संवैधानिक संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप न्याय नहीं कर रही हैं।तेजस्वी यादव ने कहा कि मौजूदा लड़ाई देश के मतदाताओं और कथित वोट चोरों के बीच है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें देश और ज्ञानेश कुमार में से किसी एक को चुनना होगा। बिहार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह बिहार की धरती से आते हैं और वहां के लोग लोकतंत्र के मुद्दे पर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए विपक्षी कार्यकर्ताओं से भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए एकजुट होने की अपील की।

महारैली को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मतदाता सूची में कथित तौर पर नाम काटे जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक लाख 27 हजार हिंदू मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात सामने आई है। उनके अनुसार, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में औसतन 31 हजार मतदाताओं के नाम कम हुए हैं। अखिलेश ने भाजपा नेताओं के ‘अंगद का पैर’ वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब जमीन ही नहीं बचेगी तो पैर कहां रखेंगे। उन्होंने वाराणसी का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की जनता ने दोहरी इंजन वाली सरकार को दोहरा शून्य दिया है। ऐतिहासिक भीड़ है। उत्साहित भीड़ है। यह वो भीड़ है जिसे विश्वास है कि न केवल ज्ञानेश कुमार जाएगा, बल्कि रिज़िम भी बदलेगा। यह बात पूरे विश्वास के साथ कही जा सकती है कि रामलीला मैदान में बरसों बाद इतनी भीड़ नज़र आई है।
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो खुद को अंगद का अडिग पैर बताते थे, अब उनके पैरों के नीचे जमीन नहीं बची है। अखिलेश ने काशी की जनता का जिक्र करते हुए बीजेपी को ‘डबल जीरो’ मिलने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बीच जीत का भरोसा नहीं होने के कारण बीजेपी चुनाव आयोग के जरिए साजिश रच रही है। उन्होंने कहा “आज जब जनसभा रामलीला मैदान में होने जा रही थी उसी समय उत्तर प्रदेश में ये कहा गया भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कि 1 करोड़ 27 लाख वोट काट दिए गए।”
समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने कहा कि जब स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्थाओं पर सवाल खड़े होते हैं, तब जनता के पास अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा है।
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि के पैसे और वक्फ की संपत्तियों में लूट हुई है। ममता ने कहा कि बीजेपी के पास अपना संगठन नहीं है, इसलिए वह पुलिस का इस्तेमाल पार्टी के काम के लिए करती है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सत्ता से जाएगी।
महारैली में विपक्षी गठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। सभी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने मतदाता सूची से नागरिकों के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि कोई भी भारतीय मतदाता अपने अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि नागरिकों के नाम मतदाता सूची से क्यों हटाए गए। खुर्शीद ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला भारत की जनता करती है। उनके अनुसार, महारैली में लोगों की भागीदारी जनता की भावनाओं को प्रदर्शित करती है।
कांग्रेस नेता और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार दबाव के माध्यम से लोगों को चुप कराना और उनकी आवाज दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ता अपने मुद्दों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। पायलट ने रैली में देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महारैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर पूरा विपक्षी गठबंधन एकजुट होकर इस आंदोलन में शामिल हुआ है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ पूरा विपक्षी गठबंधन एकजुट है। उन्होंने कहा कि सभी दल जनता के अधिकारों के लिए मिलकर संघर्ष करेंगे।

मैदान में कुछ स्थानों पर पानी जमा होने के कारण कार्यकर्ताओं को बैठने में परेशानी हुई। मैदान के बाहर और आसपास की सड़कों पर भीड़ के कारण यातायात प्रभावित हुआ।
रैली की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे। कार्यक्रम स्थल को 14 जोन में बांटा गया था। सुरक्षा व्यवस्था में चार हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और भीड़ पर नजर रखने के लिए 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। प्रत्येक जोन की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई थी, जबकि दो जोन की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारियों के पास थी। सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन से निगरानी, शरीर पर लगाए जाने वाले कैमरे, दंगा नियंत्रण वाहन और विशेष नियंत्रण कक्ष भी शामिल किए गए थे।
शनिवार को पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिंटो ब्रिज और रामलीला मैदान का निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया था।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात विजयंता गोयल आर्य ने बताया कि रैली को देखते हुए रामलीला मैदान के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया था। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए करीब 150 अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।






